आगरा में नकली और अवैध दवाओं के करोड़ों के नेटवर्क की जांच अब ईडी तक पहुंच गई है। कई राज्यों में फैले सप्लाई सिंडिकेट, मनी लॉन्ड्रिंग और फर्जी लेनदेन को लेकर पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
आगरा में नकली और अवैध दवाओं के कारोबार का मामला अब बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। करोड़ों रुपये के इस नेटवर्क की जांच अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तक जा पहुंची है। जांच में कई राज्यों तक फैले सप्लाई चेन, लॉजिस्टिक नेटवर्क और पुलिस कार्रवाई को प्रभावित करने की कोशिश जैसे कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। जिससे कई बड़े नाम बेनकाब होने की आशंका जताई जा रही है।
आगरा में लंबे समय से चल रहे नकली और अवैध दवाओं के कारोबार पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की नजर टिक गई है। वर्ष 2025 में थाना कोतवाली और एमएम गेट में दर्ज चार मुकदमों को लेकर ईडी ने विस्तृत जानकारी मांगी है। पुलिस विभाग अब इन मामलों से जुड़ी पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है। जिसमें गिरफ्तार आरोपियों, दाखिल आरोपपत्रों और अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा शामिल होगा।
इन मामलों में तीन मुकदमे नकली और अवैध दवाओं से जुड़े हैं। जबकि एक मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियों के अनुसार यह सिर्फ स्थानीय स्तर का धंधा नहीं था। बल्कि कई राज्यों तक फैला एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय था। आगरा, लखनऊ और पुडुचेरी तक की दवा कंपनियों और सप्लायरों के नाम जांच में सामने आए हैं।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि करोड़ों रुपये की नकली दवाएं दूसरे राज्यों से मंगाकर आगरा के जरिए बाजारों में सप्लाई की जाती थीं। इन दवाओं में जीवन रक्षक दवाएं भी शामिल थीं। जिससे लोगों की जिंदगी पर गंभीर खतरा मंडरा रहा था। दवाओं की खेप कैंट स्टेशन के रास्ते लॉजिस्टिक कंपनियों की मदद से अलग-अलग जगहों तक पहुंचाई जाती थी।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस अवैध कारोबार से जुड़े कई लोगों ने बेहद कम समय में बड़ी संपत्ति बना ली। आशंका है कि अवैध कमाई को वैध दिखाने के लिए अलग-अलग बैंक खातों और फर्जी लेनदेन का इस्तेमाल किया गया। इसी वजह से अब ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है। इससे पहले दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और हरियाणा की जांच एजेंसियां भी आगरा में कार्रवाई कर चुकी हैं। कई कारोबारियों से पूछताछ हुई। कुछ को गिरफ्तार भी किया गया था। अब ईडी की एंट्री के बाद माना जा रहा है कि जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
25 अगस्त 2025 को थाना कोतवाली में दर्ज एक मामले में औषधि एवं खाद्य विभाग और एसटीएफ ने मोती कटरा स्थित एक गोदाम पर छापा मारा था। वहां भारी मात्रा में दवाएं बरामद हुई थीं। इस मामले में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। कुछ आरोपियों को जेल भेजा गया। जबकि कुछ को हाईकोर्ट से राहत मिली। पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। जबकि कुछ के खिलाफ जांच अभी जारी है।