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धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा: फंडिंग के लिए पाकिस्तान से जुड़ा कनेक्शन, दिल्ली के शाहीन बाग में दफन हैं कई राज

आगरा धर्मांतरण केस (Agra conversion case) में पुलिस की पूछताछ में आरोपी परवेज अख्तर और तलमीज उर रहमान ने बड़ा खुलासा किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि फंडिंग के लिए धर्मांतरण गैंग के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं।
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आगरा

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Vinay Shakya

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Updated: 6 May 2026, 10:56 AM IST

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उत्तर प्रदेश के आगरा धर्मांतरण केस में बड़ा खुलासा हुआ है। आगरा धर्मांतरण मामले में पुलिस की पूछताछ में आरोपी परवेज अख्तर ने बताया कि मौलाना कलीम सिद्दीकी के दामाद के दवा सेंटर में धर्मांतरण संबंधी लेन-देन के रजिस्टर रखे हैं। पकड़े जाने के डर से उसने ये रजिस्टर शाहीन बाग में छिपा दिए थे। वहीं, दूसरे आरोपी तलमीज उर रहमान ने भी पुलिस को अहम जानकारी दी है।

धर्मांतरण की फंडिंग के लिए पाकिस्तान से कनेक्शन

धर्मांतरण गैंग के आरोपी तलमीज उर रहमान ने पुलिस को बताया कि कुछ टिकट और फंडिंग के रिकॉर्ड दिल्ली के डॉ. आदिल बाटला हाउस स्थित एक परिचित के यहां रखे गए हैं। इसके अलावा पुलिस पूछताछ में धर्मांतरण गिरोह की फंडिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया है, जिसमें दिल्ली और भरतपुर में छिपे रजिस्टर व डिजिटल रिकॉर्ड शामिल हैं। आरोपियों ने पाकिस्तान से संपर्क और संगठित नेटवर्क की जानकारी भी दी है।

आरोपी जतिन कपूर ने पूछताछ में बताया कि वह टैबलेट पर आर्थिक मदद का पूरा हिसाब रखता था। लेन-देन की जानकारी एक्सेल फाइल में दर्ज की जाती थी, ताकि कोई हेर-फेर न हो सके। जतिन, पाकिस्तान में बैठे गिरोह के सदस्यों से सीधे बात करता था और उनके नंबर भी उसके पास हैं। धर्मांतरण गैंग का नेटवर्क कई राज्यों में फैला है। वहीं, हसन मोहम्मद से पूछताछ में खुलासा हुआ कि अब्दुल रहमान, मौलाना कलीम सिद्दीकी का दामाद है।

अब्दुल रहमान के जरिए कई राज्यों में फैला नेटवर्क

हसन मोहम्मद के मुताबिक अब्दुल रहमान, मौलाना कलीम सिद्दीकी का दामाद है। अब्दुल रहमान के जरिए मौलाना ने कई राज्यों में धर्मांतरण गैंग बनाने में मदद की थी। इस गैंग का नेटवर्क कश्मीर भी है। गिरोह के कई सदस्य हैं, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई थीं। उनके मोबाइल नंबर एक रजिस्टर मेंनटेंन किया गया।

पुलिस ने क्या कहा?

DCP क्राइम आदित्य सिंह ने बताया कि धर्मांतरण गैंग से जुड़े सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। मामले की गहराई समझने के लिए और पूछताछ जरूरी है। गिरोह को फंडिंग करने वाले अन्य लोगों का पता लगाया जाएगा। पुलिस बुधवार को कोर्ट में प्रार्थनापत्र देकर कम से कम 7 दिन की रिमांड मांगेगी। अब तक की पूछताछ में 5-6 लोगों के नाम सामने आए हैं। इन सभी के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। यह पूरा नेटवर्क फंडिंग, रजिस्टर और अंतरराज्यीय संपर्कों पर टिका दिख रहा है। पुलिस अब इन छिपे दस्तावेजों को बरामद करने और पूरे गिरोह को उजागर करने में जुटी हुई है। इस मामले में आगे की जांच जारी है।

क्या है पूरा मामला?

आगरा में पुलिस ने बड़े धर्मांतरण रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस गैंग के लोग हिंदू लड़कियों को 'लव जिहाद' और ब्रेनवॉश के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करते थे। इस रैकेट के मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान उर्फ चाचा को दिल्ली के शाहीन बाग से गिरफ्तार किया गया है। अब तक इस केस कुल 14 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिसमें रहमान के बेटे (अब्दुल रहीम और अब्दुल्ला) भी शामिल हैं।
इस गैंग के लोग सोशल मीडिया के जरिए हिंदू लड़कियों को फंसाते थे और उनका ब्रेनवॉश करते थे। धर्मांतरण के बाद उन्हें मुस्लिम पुरुषों से शादी करने के लिए मजबूर किया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह 'लेडी ब्रिगेड' तैयार करने की योजना बना रहा था। अब्दुल रहमान का प्रतिबंधित संगठन PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) और SDPI से कनेक्शन सामने आया है। जांच में अमेरिका और कनाडा से फंडिंग के सबूत मिले हैं।

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