सुरक्षा एजेंसियों ने आगरा प्रशासन से मांग की जानकारी आरटीओ ऑफिस से पता चला पंजाब बेच दी गई थी कार
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
आगरा ( Agra ) जम्मू में गिरफ्तार हुए जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी के पास रजिस्ट्रेशन की सेंट्रो कार मिली है। इस पर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आगरा पुलिस से कार के बारे में जानकारी मांगी। मामला आतंकवादी संगठन से जुड़ा होने के चलते आगरा प्रशासन ने आनन-फानन में आरटीओ ऑफिस से पूरी इंक्वायरी की यो पता चला कि सैंट्रो कार को जुलाई 2020 में पंजाब के लिए एनओसी जारी की जा चुकी है। आगे की जांच में यह भी पता चला कि पंजाब आरटीओ ऑफिस से कार को नया नंबर अलाट भी हो गया था लेकिन कार पर पुराने नंबर की ही प्लेट लगी हुई थी।
आगरा एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने मीडिया कर्मियों को बताया कि उन्हें कार का फोटो भेजकर जानकारी मांगी गई थी। आरटीओ कार्यालय से मिली जानकारी मिली कि वर्ष 2010 मॉडल की सेंट्रो कार आगरा के खंदारी क्षेत्र स्थित गैलाना रोड निवासी व्यक्ति की थी जिसने उसे 10 जुलाई 2020 बेच दिया था। कार की एनओसी आगरा संभागीय परिवहन कार्यालय से पटियाला, पंजाब निवासी कंवलजीत सिंह के नाम जारी हुई थी। इसके बाद पंजाब परिवहन कार्यालय से कार को नया नंबर पीबी 11 सीडब्ल्यू-9024 हो गया लेकिन कार पर पुराना ही नम्बर था। पुलिस पर आगरा परिवहन कार्यालय से दिया गया नंबर यूपी 80 बीएन 2708 की ही नम्बर प्लेट लगी हुई थी।
एसपी सिटी ने यह भी बताया कि जम्मू के एसएसपी श्रीधर पाटिल ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि हिदायत उल मलिक लश्कर ए मुस्तफा का चीफ है और लश्कर-ए-मुस्तफा संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा है। खुफिया एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं। आगरा से कार के बारे में पूरी जानकारी मिलने के बाद खुफिया एजेंसियों ने इस पर अपनी जांच शुरू कर दी है कि कार पटियाला से जम्मू में आतंकी के पास तक कैसे पहुंची और उसको कार का पुराना नंबर कैसे पता था