आगरा सर्राफा एसोसिएशन ने बीमा सेक्टर में जागरूकता के लिए आयोजित किया कार्यक्रम।
आगरा। सर्राफा व्यवसाय में बीमा क्षेत्र में क्लेम के मामलों में करोड़ों रुपए के ऐसे उदाहरण हैं, जिसमें कारीगर का आधार कार्ड होने के कारण आरोपी पकड़े जाने से गबन की रकम वापस मिल गई। इसलिए गबन से बचने और बीमा का लाभ लेने के लिए जरूरी है कि किसी भी कारीगर को पहचान पत्र, विशेषकर आधार कार्ड के बिना नौकरी पर न रखें। इसके साथ तनख्वाह देते समय केश के बजाय चेक से दें। ऐसी कुछ सावधानियां आपको सर्राफा व्यवसाय में होने वाली चोरी, लूट, धोखाधड़ी जैसे मामलों से सुरक्षित रख सकती है। यह कहना था राजकोट से आए सर्राफा क्षेत्र के बीमा विशेषज्ञ हर्ष बोहरा का। वह धाकरान चौराहा स्थित होटल मोती पैलेस में आगरा सर्राफा एसोसिएशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
ये दी जानकारी
उन्होंने बताया कि बीमा के 6 सेक्शन दुकान का स्टॉक, विश्वासघात, ट्रेवलिंग स्टॉक, कारीगर मॉल बीमा, आंगड़िया कवर, केस ट्रांजिस्ट व केस शोप के जरिए आप अपने सर्राफा व्यवसाय में होने वाले नुकसान को कैसे कवर सकते हैं। बताया कि बीमा कम्पनी बीमा कम्पनी आपके क्लेम का भुगतान चोरी या गबन के दिन माल की करेन्ट मार्केट वेल्यू के अनुसार करती हैं न कि आपके मुनाफे के अनुसार। यानि जिस दिन हादसा होगा उसी दिन के भाव से क्लेम मिलेगा। यदि खुद की लापरवाही मसलन शराब पीकर या सुरक्षा के बिना माल ले जाने पर बीमा कम्पनी क्लेम नहीं देती। उन्होंने एग्जीबिशन बीमा के बारे में भी जानकारी दी। नेशनल इंश्योरेन्स कम्पनी संजय प्लेस में डवलपमेंट ऑफीसर शरद भार्गव ने बताया कि ब्रोकर को माल देने की स्थिति में रिस्क कवर होती। उन्होंने कारीगरों का भी कारीगरों का भी बीमा कराने कम से कम डेथ रिस्क कवर कराने की सलाह दी।
ये रहे मौजूद
अतिथियों का स्वागत एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह देकर किया। संचालन उपाध्यक्ष कुलभूषण गुप्ता ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से एसोसिएशन के महामंत्री अशोक अग्रवाल, कार्यक्रम संयोजक मनीष पारौलिया, बीमा विशेषज्ञ नितिन अग्रवाल, मयंक अग्रवाल, आरजे अग्रवाल, देवेन्द्र गोयल, विमल नयन, विजय अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, मुन्नालाल शिवहरे, प्रवीन गोयल आदि उपस्थित थे।