आगरा

कन्नौज की तरह आगरा विश्वविद्यालय बनाएगा गुलाब जल, लीजिए ट्रेनिंग

गुलाब जल बनाने के लिए एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। फार्मेसी के छात्र गुलाबजल की गुणवत्ता की जांच करेंगे।

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Nov 21, 2017
Rose Water

आगरा। डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) अब गुलाब जल बनाना भी सिखाएगा। कौशल विकास मिशन के अंतर्गत विश्वविद्यलाय नया पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसके तहत मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले गुलाब के फूलों का उपयोग किया जाएगा। गुलाब जल बनाने के लिए एक प्लांट स्थापित किया जाएगा। फार्मेसी के छात्र गुलाबजल की गुणवत्ता की जांच करेंगे। बता दें कि कन्नौज गुलाब जल और इत्र बनाने का सबसे बड़ा केन्द्र है।

कौशल विकास मिशन के तहत नए पाठ्यक्रम
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) के कुलपति प्रोफेसर अरविन्द दीक्षित ने बताया कि अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलोजी (आईईटी) को कौशल विकास केन्द्र के रूप में चयनित किया है। इसके तहत नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। सीसीटीवी इंस्टालेशन टेक्नीशियन, डोमेस्टिक डाटा इंट्री ऑपरेटर, डीलरशिप टेलीकॉलर्स सेल्स एग्जीक्यूटिव जैसे पाठ्यक्रम शुरू होंगे। प्रति पाठ्यक्रम 25 छात्रों को प्रवेश मिलेगा।

मेधावी छात्रों को एक साथ मेडल मिलेंगे
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह पांच दिसम्बर, 2017 को है। इसमें भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविद भाग लेंगे। उनका कार्यक्रम एक घंटे का है। चूंकि समय का अभाव है, इसलिए मेधावी छात्रों के मेडल एक साथ दिए जाएंगे। पहले प्रत्येक विजेता को अलग-अलग मेडल दिए जाते थे। उत्तर प्रदेश के राज्यपाल से अनुरोध किया गया है कि राष्ट्रपति के कार्यक्रम में 20 मिनट और जुड़ जाएं।

दीक्षांत समारोह के लिए सूरत से मंगाई साड़ियां
डॉ. अऱविन्द दीक्षित ने बताया कि दीक्षांत समारोह में ड्रेसकोड अनिवार्य है। एक जैसी साड़ियां आगरा में नहीं मिल रही हैं। इस देखते हुए सूरत से साड़ियां मंगवाई गई हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा है कि वे विश्वविद्यालय के टेक्सटाइल विभाग से साड़ियां खरीद लें, ताकि दीक्षांत समारोह में कोई समस्या न आए। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय के खंदारी परिसर में होगा। इसके चलते परिसर का सुंदरीकरण चल रहा है। सांसद डॉ. रामशंकर कठेरिया की निधि से सड़क बनाई जा रही है। इलाहाबाद बैंक और टोरंट पॉवर की मदद से भी कार्य कराए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय इन कार्यों पर स्वयं कुछ खर्च नहीं कर रहा है। यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

Updated on:
21 Nov 2017 09:58 am
Published on:
21 Nov 2017 09:57 am
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