ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। इस दिन उनका विधि विधान से पूजन करना चाहिए, लेकिन इस दिन के उद्देश्य को भी समझना चाहिए।
हर वर्ष मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा के दिन को अन्नपूर्णा जंयती के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन माता पार्वती ने अन्नपूर्णा का रूप धारण किया था। इस दिन माता अन्नपूर्णा की पूजन करने से घर में धन धान्य की कमी नहीं रहती। इस मामले में ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि माता अन्नपूर्णा अन्न की देवी हैं। इस दिन उनका विधि विधान से पूजन करना चाहिए, लेकिन इस दिन के उद्देश्य को भी समझना चाहिए। इस दिन का उद्देश्य मां अन्नपूर्णा के पूजन के जरिए हमें ये सिखाना है कि हमें कभी भी अन्न का निरादर नहीं करना चाहिए। उसकी बर्बादी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने वालों पर माता अन्नपूर्णा की जीवनभर विशेष कृपा रहती है और उनके परिवार में हमेशा बरक्कत बनी रहती है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि यदि हम अपने आसपास निगाह उठाकर देखें तो पाएंगे कि न जाने कितने लोग रात को भरपेट खाना न मिलने के कारण भूखे ही सो जाते हैं। ऐसे में हमें जो अन्न मिला है, उसकी कद्र करनी चाहिए। अन्न की बर्बादी रोकने के लिए कुछ नियम बनाने चाहिए और घर के सभी सदस्यों को उस नियम का पालन करना चाहिए।
1. इसके लिए घर में उतना ही सामान लाएं जितनी जरूरत हो। जरूरत के मुताबिक ही खाना बनाएं और ताजा ही खाएं। थोड़ा बहुत बच जाता है तो या तो उसे किसी गरीब को दे दें, या जानवर, पशु पक्षियों को दें। लेकिन फेंकें नहीं।
2. आप चाहें तो बचे हुए खाने की कोई दूसरी डिश बनाकर प्रयोग कर सकते हैं।
3. प्लेट में उतना ही भोजन लें जो आप खा सकें।
4. कुछ लोग एक ही साथ बहुत से फलों को लेकर घर में रख लेते हैं फिर उन्हें खत्म भी नहीं कर पाते। ऐसे में वे बर्बाद होते हैं। लिहाजा नियम बनाएं कि एक या दो दिन की जरूरत के हिसाब से ही फल घर में लाएंगे। वैसे भी सेहत के लिहाज से ताजे फल ही खाने चाहिए।
5. कई बार हम फ्रिज में खाने की चीजें रख कर भूल जाते हैं क्योंकि वह हमें सामने नहीं नजर आती। ऐसी चीजें रखे-रखे खराब हो जाती है। इस बर्बादी को रोकने के लिए जरूरी है कि आप हर तीन-चार दिन पर अपने फ्रिज की सफाई करें। उसमें जो कुछ भी रखा हो वो साफ-साफ नजर आएगा और आप उसे खत्म कर लेंगी।
6. होटल में खाने का ऑर्डर देते समय एक साथ अनेक डिशेज़ न मंगवाएं। वही मंगाएं जो आपको व साथ के लोगों को पसंद हो।
घर के चूल्हे का पूजन करें
ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अन्नपूर्णा जयंती के दिन दिन घर के चूल्हे की पूजा करनी चाहिए। इस दिन अन्न दान का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन अन्न दान करने से इस जन्म और अगले जन्म में भी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है।