आगरा

फतेहपुर सीकरी के बुलंद दरवाजे पर आए टूरिस्टों पर मधुमक्खियों का हमला

— मधुमक्ख्यिों के हमले में घायल हुए टूरिस्टों में एक ही हालत खराब, पहले भी हुए हैं हमले।

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Feb 22, 2022
Tourist

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
आगरा। उत्तर प्रदेश का आगरा वैसे तो ताजमहल के लिए प्रसिद्ध है लेकिन फतेहपुर सीकरी का बुलंद दरवाजा भी इतिहास में दर्ज है। यहां घूमने के लिए काफी संख्या में टूरिस्टों का आना जाना रहता है। बुलंद दरवाजा के गुंबद में लगे छत्तों की मधुमक्खियां अचानक हमलावर हो गईं। उनके हमले से वहां भगदड़ मच गई। इससे कई पर्यटक गिर चुटैल भी हो गए। मधुमक्खियों के काटने से एक पर्यटक की हालत भी बिगड़ गई।
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बुलंद दरवाजे में लगे हैं मधुमक्खियों के छत्ते
फतेहपुर सीकरी के शेख सलीम चिश्ती के बुलंद दरवाजा, शाही जामा मस्जिद सहित कई स्मारकों में मधुमक्खियों के बड़े-बड़े छत्ते लगे हैं। पुरातत्व विभाग ने इनकी सफाई नहीं कराई है। इधर, दिन में तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी हैं। बुलंद दरवाजा प्लेटफार्म पर मौजूद पर्यटकों व जायरीनों पर अचानक मधुमक्खियां हमलावर हो गईं। बचने के लिए लोग इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान बोदला निवासी रब्बान (45) की मधुमक्खियों के काटने से हालत बिगड़ गई। कई अन्य पर्यटकों को गिरने से चोटें आई हैं।
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तेज धूप होने के कारण उड़ गईं मधुमक्खियां
पुरातत्व विभाग के संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि तेज धूप के कारण मधुमक्खियां उड़ने लगी थीं। स्मारकों के ऊपरी भाग में लगे मधुमक्खियों के छत्तों को जल्द ही साफ कराया जाएगा। बुलंद दरवाजा व शाही जामा मस्जिद के गुंबदों में लगे छत्तों से मधुमक्खियों के हमले से जायरीन व पर्यटक पहले भी घायल हो चुके हैं। स्थानीय निवासी हाजी नवाबउद्दीन ने बताया कि जनवरी 2020 में भी मधुमक्खियों के हमले से कई जायरीन व पर्यटक घायल हुए थे। उन्होंने बताया कि पुरातत्व विभाग ने दो वर्षों से सफाई का कार्य नहीं कराया है। इसके चलते यहां काफी संख्या में मधुमक्ख्यिों ने अपने छत्ते बना लिए हैं।

Published on:
22 Feb 2022 11:45 am
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