
आगरा। भारतीय जनता पार्टी अपने ही फैसलों के कारण लगातार मुश्किलों में पड़ती जा रही है। जानकारों का मानना है कि अब तक बीजेपी को Lok Sabha Chunav 2019 में जीत का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन सरकार के कुछ निर्णयों ने उसे मुश्किल में डाल दिया है। एक के बाद एक मुद्दे को लेकर उसका घेराव किया जा रहा है। हाल ही 6 सितंबर को आक्रोशित Savarn Bharat Bandh Andolan कर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया है। इसके बाद अब विपक्ष मिलकर भाजपा को घेरने की तैयारी में जुटा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में 10 सितंबर को कांग्रेस ने Bharat Bandh का आह्वान किया है। बताया जा रहा है कि इस बंद के समर्थन में सारा विपक्ष एकजुट होकर कांग्रेस के साथ है।
इन मुद्दों पर सवर्ण नाराज
पत्रिका से बातचीत के दौरान अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता ने कहा था कि बीजेपी तानाशाही रवैया अपना रही है। पहले लोगों ने नोटबंदी की तानाशाही बर्दाश्त की, फिर जीएसटी (GST) को झेला, इसके बाद प्रोन्नति में आरक्षण का भी घूंट पिया, फिर भी बीजेपी के साथ रहे। लेकिन सरकार अपने रवैये से बाज नहीं आ रही है। कभी भी कोई भी नया फरमान सुना देती है। बता दें कि सुमंत गुप्ता वही शख्स हैं जिन्होंने SC-ST Act में संशोधन के खिलाफ यूपी में वैश्य समाज की आवाज को बुलंद किया जिसके कारण आगरा, मैनपुरी समेत यूपी के कई जिलों में 6 सितंबर को भारतबंद का खासा असर देखने को मिला।
पेट्रोल डीजल की कीमतों को लेकर घेरेगा विपक्ष
वहीं जैसे जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, विपक्ष भी लगातार सरकार पर हमलावर होता जा रहा है। हालात यहां तक बन चुके हैं कि सारा विपक्ष भाजपा को हटाने के लिए एकजुट होकर महागठबंधन की तैयारी कर रहा है। कांग्रेस ने कुछ दिनों पहले राफेल डील पर बीजेपी का घेराव किया था। वहीं यूपी में सपा, बसपा लगातार यूपी में बढ़ रहे अपराधों को लेकर सरकार पर तंज कसती ही रहती हैं। इसी कड़ी में अब कांग्रेस लगातार बढ़ रही Petrol Diesel की बढ़ती कीमतों को लेकर बीजेपी को घेरने की तैयारी कर रही है। इसके लिए उसने 10 सितंबर को भारत बंद का आह्वान किया है। अब भाजपा के सामने दलितों और सवर्णों को संतुष्ट करने के अलावा विपक्ष द्वारा उठाए गए तमाम मुद्दों की जवाबदेही कर जनता की नाराजगी दूर करना एक बड़ी चुनौती है।