आगरा

भारत बंद के बाद आए ये बड़े आदेश, अब कहीं इस तरह दिखाई दिए, तो होगी सख्त कार्रवाई

आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड विधान संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत कार्रवाई होगी।

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Apr 03, 2018
Section 144 applicable

आगरा। भारत बंद के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इसके तहत आगरा में दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 लागू कर दी गई है। अपर जिलाधिकारी केपी सिंह ने बताया कि यदि अब कहीं भी किसी भी सार्वजनिक स्थल पर अग्रिम आदेशों तक कोई भी पंचायत आदि आयोजित नहीं की जायेगी। यह आदेश आगरा जनपद के केवल शहरी थाना क्षेत्र में लागू होगा। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड विधान संहिता की धारा-188 के अन्तर्गत कार्रवाई होगी।

रुकवाई पंचायत
अपर जिला मजिस्ट्रेट केपी सिंह ने बताया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित संदेश एवं अन्य माध्यमों से संज्ञान में आया है 02 अप्रैल 2018 को भारत बन्द के दौरान असामजिक तत्वों द्वारा की गई तोड़फोड़, लूटपाट एवं आगजनी की घटना के विरोध में डॉ. रामेश्वर चैधरी, एडवोकेट सवर्ण, ओबीसी स्वाभिमान मोर्चा द्वारा महाराजा अग्रसेन भवन, लोहामण्डी, आगरा पर 03 अप्रैल 2018 को स्वर्ण समाज एवं ओबीसी समाज की महापंचायत आयोजित किये जाने की घोषणा की गई। उन्होंने बताया कि उक्त महापंचायत आयोजित किए जाने हेतु जिला प्रशासन स्तर से किसी भी व्यक्ति द्वारा अनुमति प्राप्त नहीं की गयी है।

ये दिए आदेश
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि आगरा में 05 मई 2018 तक धारा-144 लागू है, जिसके अनुसार पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का समूह बिना पूर्वानुमति प्राप्त किये किसी भी सार्वजनिक स्थल पर एकत्रित नहीं हो सकते हैं। जनपद की संवेदनशीलता, अशान्ति एवं अव्यवस्था को रोकने हेतु तथा क्षेत्र में शान्ति व्यवस्था स्थापित करने के लिए दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत पूर्व प्रसारित निषेधाज्ञा के क्रम में अपर जिला मजिस्ट्रेट (नगर) केपी सिंह ने दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग करते हुए प्रस्तावित महापंचायत को आयोजित न किये जाने हेतु आदेशित किया, कि किसी भी सार्वजनिक स्थल पर अग्रिम आदेशों तक कोई भी पंचायत आदि आयोजित नहीं की जायेगी। यह आदेश आगरा जनपद के केवल शहरी थाना क्षेत्र में लागू होगा। यह आदेश तब तक लागू होगा, जबकि इस सम्बन्ध में अन्य आदेश पारित नहीं कर दिये जाते अथवा इसे वापस नहीं लिया जाता। इस आदेश का उल्लंघन करने वाला व्यक्ति की धारा-188 के अन्तर्गत दण्डनीय कार्रवाई होगी।

Published on:
03 Apr 2018 05:36 pm
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