पहले चरण के चुनाव के लिए नामांकन 17 जनवरी से शुरू हो जाएंगे। भाजपा ने पहले चरण के चुनाव के लिए 149 प्रत्याशियों का एलान किया है। आगरा में भाजपा ने सभी विधानसभा सीटों पर जो दांव चला है, उससे लग रहा है कि पार्टी विधानसभा चुनाव में जीत का फार्मूला तैयार कर रही है। पिछली बार दो सीटों पर भाजपा के विधायकों ने जीत दर्ज की थी। अब भाजपा का ये प्लान सीटों की संख्या बढ़ाना है।
आगरा की उत्तर विधानसभा सीट पर भाजपा ने जो दांव चला है। उससे एक बार फिर साबित होता है कि पार्टी सवर्णों के सहारे इस सीट पर जीत दर्ज करना चाहती है। इस सीट पर वर्तमान विधायक जगन प्रसाद गर्ग (वैश्य) ने यहां से बड़ी जीत दर्ज की थी। वे इस सीट से लगातार चार बार के विधायक रह चुके हैं। ऐसे में सवर्ण वोटों पर भाजपा की नजरें इस चुनाव में भी देखने को मिली है।

इन सीटों पर क्षत्रियों को टिकट
एत्मादपुर, बाह और खेरागढ़ की सीट पर क्षत्रियों की बहुतायत है। बाह विधानसभा से पक्षालिका सिंह (क्षत्रिय) बीते चुनाव में जीते थे। हालांकि उन्होंने सपा से ये जीत दर्ज की थी। वहीं खेरागढ़ से बसपा विधायक भगवान सिंह कुशवाह को हराने के लिए बीजेपी अपने इस खास प्रत्याशी महेश गोयल (वैश्य) को मैदान में उतारा है।
ये सीट जाटलैंड के तौर पर जानी जाती है। यहां से बीते चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी राजकुमार चाहर ने सभी को चौंकाया था। हालांकि वे चुनाव हार गए थे। पिछले चुनाव में जितेंद्र फौजदार को महज छह हजार वोट मिले थे। इस बार पार्टी ने फिर से जाट को टिकट थमाया है। यहां से कद्दावर बीजेपी नेता चौधरी उदयभान सिंह को टिकट दिया है।
ब्राह्मण को टिकट दक्षिण सीट इस बार भाजपा विधायक योगेंद्र उपाध्याय (ब्राह्मण) के पास है। इस सीट पर मुस्लिम और ब्राह्मणों का बोल बाला है। हालांकि मुस्लिम वोट कई प्रत्याशियों में बंट जाता है इसलिए पार्टी ने ब्राह्मण प्रत्याशी पर भरोसा जताया है।
बसपा के खाते की ये सीट निकालने के लिए भाजपा ने डॉ जीएस धर्मेश (दलित) को टिकट थमाया है। ग्रामीण से हैमलता दिवाकर (दलित) को टिकट दिया है। एत्मादपुर से राम प्रताप सिंह चौहान को मौका दिया है। फतेहाबाद से जितेंद्र वर्मा (पिक्षड़ा) को टिकट दिया है।