अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग तक सदस्यों को शहर से दूर रखना चाह रही थी भाजपा
आगरा। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी खतरे में हैं। तख्ता पलट के लिए तैयारी शुरू हो गई। लेकिन भाजपा का फॉर्मूला इससे पहले लीक हो गया। पार्टी में अंदरूनी बगावत का दौर भी शुरू हो गया है। जो पंचायत अध्यक्ष के पद के लिए आपस में फूट डालने का काम कर सकता है। कुछ नामों पर पार्टी के लोगों को आपत्ति है। यदि ऐसा हुआ, तो वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग के समय गड़बड़झाला हो सकता है। तख्ता पलट के मंसूबे रखने वालों को मुंह की खानी पड़ सकती है।
सदस्यों को शहर से दूर रखने का प्लॉन
सपा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से वर्तमान अध्यक्ष कुशल यादव को हटाने के लिए सपा से बागी हुए कुछ नेताओं ने भाजपा के साथ मिलकर अविश्वास प्रस्ताव दिया। भाजपा भी इस पद के लिए व्याकुल हो उठी। लेकिन, यहां उसने अभी अपने पत्ते नहीं खोले कि अध्यक्ष पद की दावेदारी किसे दी जाएगी। भाजपा की ओर से जिन पंचायत सदस्यों ने चुनाव लड़ा था, वे अब दूर दूर तक नहीं दिखाई दे रहे हैंं। वहीं कुछ नाम ऐसे सामने आ रहे हैं, जिनका अंदरूनी विरोध हो रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को हिलाने वाले और जय वीरू की जोड़ी माने जाने वाले अहम नेता अभी किरदार में नहीं दिख रहे हैं। वहीं जिन सदस्यों के हस्ताक्षर किए हुए शपथ पत्र जिला प्रशासन को जमा कराए गए हैं, उन पर भी पैनी नजरें हैं। सदस्यों को शहर से दूर रखने का प्लॉन बनाया गया है।
अध्यक्ष ने भांप लिया प्लान
जिला पंचायत अध्यक्ष को भाजपा के मंसूबों की जानकारी थी। विश्वसत सूत्रों की मानें तो जिन पंचायत सदस्यों के दम पर भाजपा और अन्य नेता दम भर रहे हैं, उनके प्रमाण पत्रों की जानकारी अभी उन्हें नहीं है। बताया गया है कि जो सदस्य पाला बदलने की कोशिश कर रहे थे। उनके प्रमाणपत्रों पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने अपना कब्जा कर रखा है। ऐसे में भाजपाईयों के लिए जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को कब्जाना काफी टेड़ा हो जाएगा।