आगरा

भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग में शहीद हुए आईएफएस एके जैन

-शोकसभा में उमड़े लोग, मेयर नवीन जैन ने कहा- हमारी सरकार देखेगी -फिल्मी स्टाइल में हत्या का आरोप, कई सवालों के नहीं मिल रहे जवाब

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Jul 13, 2018
ak jain

आगरा। बड़ी-बड़ी आखें। रुआबदार मूछें। तेजतर्रा। भ्रष्टाचारियों की गर्दन मरोड़ने का जुनून। भ्रष्ट अधिकारी से सीधी टक्कर लेना, भले ही वह कितने ही ऊंचे ओहेद पर हो। मृत्यु का तनिक भी भय नहीं। यह है भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के अधिकारी अभिनंदन कुमार जैन (एके जैन) का परिचय। शाहजहांपुर के तिलहर में एनएच-24 पर नगरिया मोड़ के पास सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं, सोच-समझकर की गई हत्या है। शुक्रवार को हुई शोकसभा में भी साफ-साफ कहा गया कि एके जैन भ्रष्टाचार की जंग में शहीद हो गए।

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11 जुलाई को शाहजहांपुर में हुई मौत

घटनाक्रम 10 जुलाई, 2018 की मध्यरात्रि से शुरू होता है। कार में ड्राइवर नाजिम को लेकर अपने ग्रेटर नोएडा स्थित निवास से बरेली के लिए चले। एके जैन 11 जुलाई, 2018 की सुबह पांच बजे बरेली पहुंचे। वहां से रसोइया संदीप को साथ लिया और लखनऊ की ओर चल दिए। सुबह छह बजे के आसपास शाहजहांपुर के थाना तिलहर के एनएच-24 नगरिया मोड़ के पास कार आगे चल रहे टैंकर (गैस कैपसूल) में पीछे जा घुसी। पीछे की सीट पर बैठे एके जैन की मौत हो गई। ड्राइवर पूरी तरह सुरक्षित है। संदीप गंभीर रूप से घायल है। 12 जुलाई को आगरा में विद्युत शवदाह गृह, ताजगंज पर एके जैन का अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनकी बेटी पूजा ने मुखाग्नि दी। बेटी ने बेटे का फर्ज निभाया।

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मेयर ने क्या कहा

13 जुलाई को समाधि पार्क, सूर्यनगर, आगरा में शोकसभा हुई। इसमें महापौर नवीन जैन ने कहा- एके जैन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे थे। हमारी सरकार भी भ्रष्टाचार को दूर करना चाहती है। उनकी मौत कैसे हुई, यह हमारी सरकार देखेगी। जैन समाज के वरिष्ठ नेताओं ने साफ-साफ कहा कि एके जैन को शहीद किया गया है। 20 साल पहले का एक किस्सा सुनाया गया कि दो व्यक्ति बाघ का नाखून मांगने आए थे। एके जैन ने स्पष्ट मना कर दिया तो उन्हें धमकी दी गई थी। इसके बाद भी वे दबे नहीं। अपनी बात पर कायम रहे।

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विधायक ने कहा

भारतीय जनता पार्टी के विधायक जगन प्रसाद गर्ग ने पत्रिका से कहा कि एके जैन की मृत्यु कैसे हुई है, इसकी जांच जरूरी है। एके जैन के भाई और वरिष्ठ पत्रकार विवेक जैन ने उन्हें अवगत कराया है कि हत्या को हादसे का रूप दिया गया है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में अपने स्तर पर सरकार को अवगत कराएंगे।

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फिल्मी स्टाइल में हत्या

डॉ.एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष स्क्वाड्रन लीडर एके सिंह का कहना है कि पूरे मामले की जांच जरूरी है। वरिष्ठ पत्रकार अशोक अग्निहोत्री, आदर्श नंदन गुप्त, गौरव अग्रवाल आदि का कहना है कि घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिस्थितिजन्य साक्ष्य स्पष्ट कह रहे हैं कि एके जैन की हत्या की गई है। फिल्मी स्टाइल में हत्या की गई है।

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जवाब मांग रहे पांच सवाल

एके जैन के भ्राता विवेक जैन ने पांच सवालों के जवाब मांगे हैं-

1.पुलिस ने सबसे बड़ी गलती यह की है कि कार को घटनास्थल से हटाकर 15 किलोमीटर दूर खड़ा कर दिया। आखिर ऐसा क्यों किया गया? परिजनों की नजर से घटनास्थल छिपाने का प्रयास क्यों किया गया?

2.जब हम शव को देखना और फोटोग्राफी तथा वीडियोग्राफी करना चाहते थे तो पुलिस ने रोका। आखिर पुलिस क्या छिपाना चाहती थी?

3.घटनास्थल पर विधिविज्ञान विशेषज्ञों को क्यों नहीं बुलाया गया? पुलिस को पता था कि भारतीय वन सेवा के अधिकारी की मौत हुई है, फिर भी हल्के में लिया गया, आखिर क्यों?

4.कार चालक नाजिम बार-बार बयान बदल रहा है। लगता है कि वह कुछ छिपा रहा है। नाजिम कहता है कि कार पलट गई थी, लेकिन घटनास्थल के सामने ढाबे पर मौजूद लोगों ने कहा कि कार घूम गई थी। सच क्या है?

5.अगर कार पलट गई थी कि कार की छत पर कोई निशान क्यों नहीं है? एके जैन के सिर में कई चोटे हैं। क्या कार घूमने भर से इतनी सारी चोटें लग सकती हैं?

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Published on:
13 Jul 2018 02:44 pm
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