आगरा

आम बजट 2018: रियल एस्टेट सेक्टर है बीमार, अरुण जेटली से ये दरकार

रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारी मानते हैं, कि रियल एस्टेट अभी पूरी तरह बीमार है।

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Feb 01, 2018
Union budget 2018

आगरा। नोटबंदी के बाद सबसे अधिक जो नुकसान हुआ रियल एस्टेट को। रियल एस्टेट से जुड़े कारोबारी मानते हैं, कि रियल एस्टेट अभी पूरी तरह बीमार है, इसलिए केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से उम्मीद है कि आम बजट 2018 में रियल एस्टेट सेक्टर को बीमार मानकर फंड दिया जाए और सुविधाएं भी बढ़ाई जाएं।

दम तोड़ते रियल एस्टेट को बहुत सी उम्मीदें
आगरा में रियल एस्टेट का बड़ा कारोबार माना जाता है। आगरा से ये कारोबार आस पास के कस्बों में भी अपनी जड़ें मजबूत कर रहा था, लेकिन नोटबंदी के बाद इस कारोबार पर ग्रहण लग गया। हालात ये हैं कि शहर के कई बड़े प्रोजेक्ट अटके पड़े हैं। अब आम बजट 2018 से रियल एस्टेट कारोबारियों को उम्मीदें बढ़ गई हैं।

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ये हैं 10 बड़ी उम्मीद
1. आम बजट 2018 में सबसे बड़ी मांग है कि सरकार प्राइवेट सेक्टर पर भी भरोसा करे और इसे बढ़ावा देने के काम किया जाए।
2. जीएसटी 12 और स्टांप सात फीसद किया जाए। रियल एस्टेट कारोबारियों की एक कर की मांग है।
3. लैंड विवाद खत्म करने को जमीन का रिकॉर्ड आॅनलाइन किया जाए। लैंड टाइटल भी रिकॉर्ड में दर्ज होने चाहिए।
4. जितने भी पुराने प्रोजेक्ट हैं, उन पर इनपुट के साथ मिले क्रेडिट, सरकार प्राइवेट सेक्टर पर भी करे भरोसा।
5. रेरा के नियम प्रभावी और इन्हें आसान किया जाए, सही काम करने वाले बिल्डर्स को प्रोत्साहन दिया जाए।
6. योजनाओं के लिए कागजों पर न हो जमीन अधिग्रहण, पुलसिंग से हो लैंड एक्यूजिशन।
7. बेकार पड़ी सरकारी जमीनों पर गरीब के लिए आवासों का निर्माण कराया जाए।
8. शहर से बाहर आवास योजना की यातायात की व्यवस्था मजबूत हो।
9. संरक्षित स्मारकों के आसपास निर्माण नियमों में किया जाए बदलाव।
10. रेट कंट्रोल और ट्रांसफर आॅफ प्रोपर्टी लॉ आसान होना चाहिए, बैंक प्रोपर्टी रेट से कम करें होम लोन की ईएमआई।

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Published on:
01 Feb 2018 10:55 am
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