योगी आदित्यनाथ ने आज बटेश्वर के रानी घाट पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां यमुना में विसर्जित की
आगरा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज बटेश्वर के रानी घाट पर भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अस्थियां यमुना में विसर्जित की, लेकिन मुख्यमंत्री योगी उनके पैतृक आवास तक नहीं पहुंच पाये। मुख्यमंत्री के वहां जाने का कार्यक्रम था, लेकिन बारिश के कारण ये कार्यक्रम रद्द हो गया।
वहां जाना था खतरनाक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जैन भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया। इसके बाद मुख्यमंत्री का अटल जी के पैतृक आवास जो गांव के अंदर है, वहां जाने का कार्यक्रम था, लेकिन कुछ ही देर पूर्व ही बारिश के कारण वहां जाने का कार्यक्रम रद्द हो गया। कारण था कि जहां अटल जी का पैतृक आवास है, वो जमीन से करीब 20 फीट की उंचाई पर बना है। खंडहर में तब्दील हो चुकी इस हवेली तक जाने का रास्ता है, लेकिन उंचाई होने के कारण फिसलने का डर था, जिसके चलते मुख्यमंत्री का यहां जाने का कार्यक्रम रद्द किया गया।
इंतजार करती रही हवेली
मुख्यमंत्री के आगमन की खबर से बटेश्वर के लोगों को विकास की उम्मीद जाग उठी है। कई दिनों से उनके आगमन को लेकर गांव में तैयारियां भी चल रही थीं। मुख्यमंत्री के आगमन का पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हवेली भी इंतजार करती रही, लेकिन आज मुख्यमंत्री का यहां जा ने का कार्यक्रम रद्द हुआ, तो लोगों में निराशा दिखी। इसका बड़ा कारण था, कि लोग चाहते थे, कि मुख्यमंत्री देखें, कि किस प्रकार अटल जी के गांव को अपेक्षाओं का शिकार बनाया गया है। यहां तक विकास की गंगा क्यों नहीं पहुंची।