कांग्रेस ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी ने जनता का समर्थन वापस लेने के लिए ये फैसला लिया है।
आगरा। जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी ने महबूबा मुफ्ती सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया, जिसके बाद राजनैतिक दलों में हलचल मच गई। जम्मू में तीन वर्षों से चला आ रहा भारतीय जनता पार्टी और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी का गठबंधन खत्म हो गया है। इसके बाद मुख्यमंत्री महबूबा ने राज्यपाल एनएन बोहरा को इस्तीफा दिया, तो नेताओं की प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं। पत्रिका टीम ने क्रांग्रेस नेताओं से बात की, तो उन्होंने बड़ा बयान दिया।
ये बोले कांग्रेसी
कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह ने बताया कि जम्मू-कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी आजादी के बाद से कभी भी सत्ता में नहीं आ पाई। सत्ता का सुख भोगने के लिए भाजपा ने पीडीपी को समर्थन देकर सरकार बना ली। ऐसे में विरोध हुआ, लेकिन सत्ता का सुख भोगना था। अब लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए भाजपा सरकार जनता की सहानभूति प्राप्त करना चाहती है और यही कारण है कि पीडीपी से समर्थन वापस लेते हुए वहां सरकार को गिराया गया है।
ये बोले जिलाध्यक्ष
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। वहीं जम्मू कश्मीर में युद्ध विराम करने से भाजपा का वोटर भी नाराज था, इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने ये फैसला लिया है। दुष्यंत शर्मा ने बताया कि सत्ता का सुख भोगने के लिए एक ऐसी पार्टी का साथ दिया गया, जो आतंकवादियों के पक्ष में मानी जाती है। उस दौरान सिर्फ भाजपाइयों को कुर्सी दिखाई दे रही थी और चुनाव के नजदीक आते ही, सहानभूति के लिए भाजपा ने ये बड़ी चाल चली है।