
गठबंधन टूटने पर सियासी बयानीबाजी शुरू, शिवसेना ने भाजपा को लेकर कह दी इतनी बड़ी बात
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने पीडीपी से अपना समर्थन वापस ले लिया है। समर्थन वापस लेने के कुछ ही देर बाद महबूबा मुफ्ती ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वहीं, इस घटनाक्रम पर सियासी बयानबाजी भी जोर-शोर से शुरू हो गई है। शिवसेना ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पीडीपी-भाजपा का गठबंधन राष्ट्र-विरोधी था।
शिवसेना ने जमकर बोला भाजपा पर हमला
शिवसेना नेता संजय राउत ने तीखी प्रक्रिया देते हुए कहा कि पीडीपी-भाजपा का गठबंधन राष्ट्रविरोधी और असामान्य था। हमारी पार्टी के अध्यक्ष ने पहले ही कहा था कि यह गठबंधन काम नहीं करेगा। अब 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को इसका जवाब देना होगा। वहीं, भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा ने भी पीडीपी-भाजपा का गठबंधन टूटने पर हैरानी जतायी है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि दोनों पार्टियां बिल्कुल विपरीत दृष्टिकोण की पार्टियां हैं, इसलिए विचारों का टकराव होना स्वभाविक था, लेकिन अब इस गठबंधन को चलना चाहिए था।
कांग्रेस ने दोनों ही पार्टियों को लिया आड़े हाथ
इधर, गठबंधन तोड़ने पर पीडीपी के कई नेता सकते में हैं। पीडीपी प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने कहा कि हमने सहयोगी सरकार चलाने की अपनी तरफ से पूरी कोशिश की, लेकिन यह तो होना ही था। लेकिन इस तरह अचानक गठबंधन टूटने के फैसले से हमें भी आश्चर्य हुआ है। उन्होंने कहा कि हमें उनके इस फैसले की कोई जानकारी नहीं थी। वहीं, कांग्रेस ने भी पीडीपी-भाजपा गठबंधन के टूटने पर भाजपा और पीडीपी पर जमकर निशाना साधा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मुझे खुशी है कि भाजपा ने अपनी गलती मान ली और गठबंधन से हटने का फैसला किया। अब इससे जम्मू कश्मीर के लोगों को थोड़ी राहत मिल सकेगी। दोनों पार्टियों के गठबंधन ने कश्मीर को बर्बाद कर दिया और अब भाजपा गठबंधन से हटकर इसका सारा ठीकरा पीडीपी पर फोड़ना चाहती है, लेकिन कश्मीर के मौजूदा हालात के लिए दोनों पार्टियां जिम्मेदार हैं।
Published on:
19 Jun 2018 04:38 pm

बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
