उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या कर खुद को गोली मारने वाले मनीष शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई।
आगरा। उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष दरवेश यादव की हत्या कर खुद को गोली मारने वाले मनीष शर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। मनीष शर्मा की मौत के बाद कई बड़े राज दफन हो गये हैं, जिससे इस हत्याकांड का खुलासा हो सकता था। इतनी अच्छी दोस्ती किस तरह इतनी बड़ी दुश्मनी में बदल गई कि मनीष शर्मा ने इतना बड़ा कदम उठाया, इसके खुलासे की उम्मीद पुलिस मनीष शर्मा से ही कर रही थी, लेकिन अब इस सवाल का जवाब शायद ही कभी पुलिस को मिल पाए।
12 जून को हुई थी हत्या
दीवानी परिसर में दरवेश यादव की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब स्वागत समारोह का कार्यक्रम चल रहा था। गोली चलाने वाले अधिवक्ता मनीष शर्मा ने बाद में खुद की कनपटी पर भी गोली मार ली थी। इलाज के लिए पहले आगरा और बाद में मनीष शर्मा को गुरुगांव रेफर कर दिया गया था। शनिवार को मनीष शर्मा की मौत हो गई। माना जा रहा है कि मनीष शर्मा की मौत के बाद कई उन राजों पर पर्दा हमेशा के लिए गिर गया है, जिनका खुलासा मनीष के होश में आने के बाद होने की उम्मीद थी।
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ये थे तीन अहम सवाल, जिनके जवाब दे सकता था मनीष
1. दरवेश यादव और मनीष शर्मा में बेहद अच्छी दोस्ती थी, फिर ऐसी क्या वजह रही, जो इस दोस्ती में इतनी बड़ी दरार आ गई, कि इतना बड़ा कदम उठाया?
2. इंस्पेक्टर सतीश यादव को देखकर मनीष शर्मा को गुस्सा क्यों आया?
3. मनीष शर्मा ने दरवेश यादव के रिश्तेदार मनोज को भी निशाना बनाया, इसका कारण क्या था?
अब इनसे है बड़ी उम्मीद
दरवेश यादव की हत्या 12 जून को दीवानी कचहरी में डॉ. अरविंद मिश्रा के चेंबर में हुई। आठ लोग चेंबर में मौजूद थे। चार बाहर थे। आठ में से चार के बयान हुए हैं। इनसे साफ नहीं हुआ कि मनीष ने यह वारदात क्यों की? अब चार गवाहों के बयान पर पुलिस की उम्मीद टिकी है।