यमुना को सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत घोषित किया जाए

रिवर कनेक्ट अभियान के ब्रज खंडेलवाल ने यमुना को सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के रूप मे मान्यता दिए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। 

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Apr 03, 2016
yamuna festival

यमुना को विरासत का दर्ज़ा देने की माँग की। यमुना भक्तों और पर्यावरणविदों ने नदी को संरक्षित करने के लिए ठोस कार्यक्रम और योजना बनाने के लिए सरकारों पर दबाव बनाने के लिए जन आंदोलन खड़ा करने की ज़रूरत बताई।

ये प्रस्ताव हुआ पारित

रिवर कनेक्ट अभियान के ब्रज खंडेलवाल ने यमुना को सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के रूप मे मान्यता दिए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता रंजन शर्मा ने की और संचालन शैलेंद्र सिंह नरवार ने किया।

इन्होंने रखे विचार

कार्यक्रम में समाजसेवी जितेन्द्र चौहान, बबिता चौहान, रोली तिवारी मिश्रा, आनंद राय, राजीव गुप्ता, डॉ. चंद्रकांत त्रिपाठी, माया त्रिपाठी, ज्योति खंडेलवाल, पद्मिुनी अय्यर, शशिकांत उपाध्याय, शिव प्रताप, अजय सिंह, अंकित सिंह, धीरज शुक्ला, मोहन श्याम, महेन्द्र पाल, दीपक राजपूत, राहुल राज, अनीता यादव आदि ने विचार रखे।

इन्होंने कराई यमुना आरती

यमुना की आरती श्री मथुराधीश मंदिर के गोस्वामी नंदन श्रोत्रिय, जुगल किशोर, अभिनव लाला ने कराई। रिवर कनेक्ट अभियान का तीन दिवसीय यमुना महोत्सव रविवार रात्रि में शाम भंडारे के साथ समाप्त हुआ।

Published on:
03 Apr 2016 11:40 pm
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