आगरा

जानवरों को खुला छोड़ा होगा तो कार्रवाई, जिलाधिकारी ने दिए आदेश

जिलाधिकारी एनजी रविकुमार की अध्यक्षता में जिला गो-संरक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई
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Updated: 25 Jul 2018, 7:54 AM IST
 District Magistrate
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आगरा। जानवरों को आवारा छोड़ने पर अब जिला प्रशासन कार्रवाई करेगा। जिलाधिकारी एनजी रविकुमार की अध्यक्षता में जिला गो-संरक्षण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई, जिसमें जिलाधिकारी ने जनपद में पंजीकृत व अपंजीकृत गोशालाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। बैठक में गो-शाला संचालकों ने लावारिस गो वंश की समस्या, बारिस के समय करेंट से पशुओं के मरने, सर्जन का न होना तथा रेलवे से पशुओं की कटने आदि समस्याओं से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि नगर-निगम द्वारा गोशाला बनाने के लिए नरायच में जगह चिन्हित कर ली गई है। करेंट से पशुओं की मृत्यु न हो इसके लिए उन्होंने कहा कि टोरेंट के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

ये बोले पशु चिकित्साअधिकारी
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि एम्बुलेंस न होने के कारण घायल पशुओं को पशु चिकित्सालय लाने में दिक्कत होती है और घायल पशुओं को तुरन्त इलाज नहीं हो पाता है। उन्होंने कहा कि दवाओं की उपलब्धता भी पर्याप्त नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि एम्बुलेंस व दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता हेतु प्रयास किया जाएगा। बैठक में जिलाधिकारी ने एडीएम सिटी से कहा कि सीवीओ की अध्यक्षता में सम्बन्धित लोगों की प्रत्येक सप्ताह एक बैठक आयोजित करायी जाए।

इनके खिलाफ करें कार्रवाई
जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों से कहा कि जो लोग पशुओं को आवारा छोड़ रहे हैं, उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाय। आवारा पशुओं को पकड़ा जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि गो-संरक्षण से सम्बन्धित एक समिति बनाया जाए, जिसमें लगभग-20 से 25 लोग हों व किसी एडीएम को समिति का अध्यक्ष बनाया जाए। इस समिति को जो पैसा सहायता के रूप में आमजन से प्राप्त हो, उससे गो-संरक्षण से जुड़े लोगों की मदद की जाए। उन्होंने कहा कि इस समिति में ट्रेजरी के किसी अधिकारी को भी शामिल किया जाय। उन्होंने कहा कि जो भी लोग गोशालाओं का पंजीकरण नहीं करा रहे हैं, वे अपने गौशालाओं का पंजीकरण करा लें, जिससे उन्हें सरकार व जिला प्रशासन द्वारा सहायता उपलब्ध करायी जा सकें।

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