
आगरा। एटा के गांव मेहनी के रहने वाले किसान का बेटा 10 साल में इतना अमीर बन गया, किसी का अंदाजा भी लगाना मुश्किल है। सिंचाई विभाग के सुप्रिटेंडेट इंजीनियर राजेश्वर सिंह यादव की संपत्ति जब इनकम टैक्स की रडार पर आई तो सभी के होश उड़ गए। किसान के बेटे राजेश्वर सिंह यादव के पास से करीब 650 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के कागजात मिले हैं। वहीं, एक अरब से अधिक का निवेश भी आयकर विभाग के सामने आया है। राजेश्वर सिंह के यहां काम कर चुकी नौकरानी ने बताया कि जब भी कोई स्पेशल गेस्ट आता था, तो उसे चांदी की थालियों में खाना परोसा जाता था।
घर नहीं फाइव स्टार होटल थी कोठी
बताया गया है कि 10 वर्ष पहले रोश्वर सिंह यादव की सिंचाई विभाग में नौकरी लगी थी। उसके बाद संपत्ति जुटाने का सिलसिला शुरू हुआ। राजेश्वर सिंह यादव के यहां काम कर चुकी नौकरानी ने बताया कि जब भी साहब यहां होते थे तो दिन भर लोगों की भीड़ रहती थी। कोई न कोई बड़ी गाड़ी यहां खड़ी ही रहती थी। खास मेहमानों के आने पर स्पेशल चांदी की थालियां इस्तेमाल की जाती थीं। कोठी के अंदरफाइव स्टार होटल जैसी सभी सुविधाएं मौजूद रहती थीं।
20 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई
सिंचाई विभाग के इंजीनियर राजेश्वर सिंह के दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा सहित बीस जगह इनकमटैक्स की टीम छापामार कार्रवाई की है। एटा के थाना मारहरा में उनके पैतृक आवास गांव मेहनी में भी इनकम टैक्स टीम ने कार्रवाई की। सूत्रों की मानें तो एटा ही नहीं बल्कि आगरा की एक तहसील से टिकट मांग रहे दागी बिल्डर की कई जगहों पर राजेश्वर का पैसा लगा है और आगरा में किसी भी काम में राजेश्वर खुद के साथ ससुर और एक पड़ोसी रिश्तेदार को भी जोड़ता था।
2017 से पीछे लगी थी टीम
आयकर टीम के सूत्रों से जानकारी मिली है कि अप्रैल 2017 से ही आयकर की टीम नजर रख रही थी। पहले टीम ने इसके दिल्ली में उसके ऑफिस पर रेड की। इसके बाद नोएडा और दूसरे ठिकाने पर छापेमारी की गई। बताया जा रहा है कि सपा सरकार में इसके कई रसूखदार नेताओं से संबंध थे। उन्हीं के बल पर इसने विभाग में अपनी ठेकेदारी शुरू की। पूछताछ के बाद कई सफेद पोश लोगों के चेहरे से नकाब हट सकता है।