ताजमहल में मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश शुरू हो चुका है।
आगरा। ताजमहल में मेट्रो ट्रेन की तर्ज पर टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश शुरू हो चुका है। पर्यटकों की सहूलियत को देखते हुये सात एंट्री गेट बनाये गये हैं, जिसमें महिला पुरुष और बच्चों के लिये भी अलग से व्यवस्था है। विदेशी पर्यटकों के लिये भी अलग से व्यवस्था की गई है। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार ने बताया कि भविष्य में टोकन व्यवस्था को लागू किया जा रहा है, जिसमें एक टिकट पर पर्यटका को तीन घंटे समय बिताने का मौका मिलेगा।
ये हुई व्यवस्था
अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत कुमार स्वर्णकार ने बताया कि यहां सात टर्न स्टाइल गेट से प्रवेश होगा, जिसके लिए तीन रंगों के मेग्नेटिक टोकन हैं। भारतीय, विदेशी और सार्क पर्यटकों के लिए यह टोकन हैं, जबकि बच्चों के लिए अलग रंग का टोकन है। दोनों गेटों के टर्न स्टाइल गेट सर्वर से जोड़े जा रहे हैं।
तीन घंटे की बाध्यता अभी नहीं
टर्न स्टाइल गेट से ताज में प्रवेश और निकास तो शुरू हो गया है, लेकिन तीन घंटे की समय सीमा फिलहाल लागू नहीं होगी। बता दें कि साफ्टवेयर न होने और दक्षिणी गेट पर निकास के लिए टर्न स्टाइन न लगने के कारण यह व्यवस्था नहीं होगी। दक्षिणी गेट पर कर्मचारी ही तैनात रहेगा, जो यहां से निकलने वाले पर्यटकों से टोकन ले लेगा।
यहां से मिलेगा प्रवेश
ताजमहल में प्रवेश के दो द्वार हैं। पश्चिमी गेट और पूर्वी गेट। पश्चिमी गेट पर रेवती का बाड़ा में व्यवस्थाएं की गई हैं। यहीं पर पर्यटकों की चेकिंग होगी। यहीं से टिकट मिलेगा। पूर्वी गेट पर सहेली बुर्ज के पार्क को समाप्त करके व्यवस्था की गई है। दोनों स्थानों पर टिन शेड लगाए गए हैं। यहीं पर टर्न स्टाइल गेट लगाए गए हैं। पश्चिमी गेट पर कुल 12 गेट लगे हैं। रेवती के बाड़ा से पश्चिमी गेट के प्रवेश द्वार तक जाने के लिए जाली लगाकर डक्ट बनाई गई है। एक बार जो इस डक्ट में प्रवेश कर गया, वह लौटकर नहीं आ सकता है। बाहर से भी कोई सामान नहीं ले सकता है। सहेली बुर्ज से पूर्वी गेट के प्रवेश द्वार तक भी यही व्यवस्था रहेगी।
क्या होगा लाभ
टर्न स्टाइल गेट एक सर्वर के माध्यम से जुड़े रहेंगे। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दिल्ली और मालरोड, आगरा स्थित कार्यालय में बैठे अधिकारियों को पता रहेगा कि किस समय कितने पर्यटकों ने प्रवेश किया और निकले। यह भी पता रहेगा कि ताजमहल में किस श्रेणी के कितने पर्यटक मौजूद हैं। इससे भीड़ प्रबंधन किया जा सकता है। ताजमहल में अगर अधिक पर्यटक हैं, तो कुछ समय के लिए प्रवेश रोका जा सकता है। अभी तो पर्यटकों को धूप और बारिश में भी लम्बी लाइन में लगना पड़ता है। नई व्यवस्था के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। पर्यटक बारिश और धूप से बचे रहेंगे।