वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अंकुर प्रकाश का। गर्मी में स्वस्थ्य शरीर रखने के डॉ. अंकुर प्रकाश ने पत्रिका टीम से कुछ खास टिप्स साझा किए।
आगरा। गर्मियों के दिनों में शरीर क्यों थका-थका और मन क्यों झुंझला उठता है? यह हीट इग्जॉस्चन का लक्षण है। गर्मियों में जोरों केा पसीना आता है। इससे शरीर तेज गर्मी में भी खुद को ठंडा रख पाता है। मगर इस चक्कर में उसके भीतर जल और लवणों का भंडार खाली हो जाता है। इसी से थकान छा जाती है, जी कच्चा होता है, उबकाई सिर पर हावी हो सकते हैं। रक्तचाप घट सकता है। नब्ज तेज चलने लगती है। शरीर पीला पड़ जाता है। ये कहना है वरिष्ठ होम्योपैथी चिकित्सक डॉ. अंकुर प्रकाश का। गर्मी में स्वस्थ्य शरीर रखने के डॉ. अंकुर प्रकाश ने पत्रिका टीम से कुछ खास टिप्स साझा किए।
ये बोले डॉ. अंकुर प्रकाश
गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है, ताकि बाहर की गर्मी आपके स्वास्थ्य को नुकसान न पहुंचा सके। जानिए यह चार बातें जो आपके शरीर में शीतलता बनाए रखने के साथ ही गर्मी के दुष्प्रभावों से बचाए रखने में मदद करेंगी –
1 गर्मी के मौसम में नींबू पानी, नारियल पानी, दही और छाछ का सेवन अच्छी मात्रा में करना चाहिए। इस तरह के पेय पदार्थ न केवल शरीर में ठंडक पहुंचाते हैं, बल्कि शरीर में पानी की कमी भी नहीं होने देते।
2 बहुत ज्यादा ठंडे पेय पदार्थ पीने से बचें। एकदम गर्मी में ठंडा पानी पीने से कुछ देर के लिए तो अच्छा लग सकता है, लेकिन इससे शरीर को ठंडक नहीं मिलती। इससे त्वचा की रक्त कोशिकाएं पिचक जाती हैं जिससे शरीर से ताप कम निकल पाता है।
3 इस मौसम में चाट-पकौड़ी या अन्य तेल व मसालेदार खाद्य पदार्थ खाने से बचें। इसमें इस्तेमाल होने वाले उबले आलू बासी हो सकते हैं जो आपको फूड पॉइजनिंग या अन्य प्रकार से बीमार कर सकते हैं। चिप्स, नमकीन, तेल व घीयुक्त भोजन में थर्मल इफेक्ट होता है, जो गर्मी उत्पन्न करता है।
4 कैफीन युक्त चीजें और सॉफ्ट ड्रिंक्स का सेवन कम-से-कम करें।