तूफान में घायल हुए युवक को मिली 4300 रुपये की सहायता राशि, इलाज के लिए भटक रही पत्नी
आगरा। जनपद में आए विनाशकारी तूफान ने सौ से अधिक जिंदगियां बर्बाद कर दीं। करोड़ों रुपये का नुकसान कर दिया। योगी सरकार ने राहत के चेक बांटे। लेकिन, ये राहत ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। तूफान पीड़ित परिवार चेक लिए दर दर भटक रहे हैं तो किसी घायल को मुआवजे के नाम इतनी कम राशि दी गई है कि उसकी पत्नी भीख मांगकर इलाज कराने के लिए मजबूर है।
तूफान ने दिए थे अपनों को गहरे जख्म
आगरा में 11 अप्रैल, दो और नौ मई को भयंकर तूफान आया था। ये तूफान लोगों को गहरे जख्म देकर गया। कईयों ने अपनों को खोया। योगी सरकार ने राहत के चेक तो बांटे लेकिन, ये चेक लेकर लोग अब तक भटक रहे हैं। वहीं घायलों को राहत के नाम पर दिए गए चेक मजाक बनकर रह गए हैं। पिनाहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला बावन टूला में एक परिवार तूफान की चपेट में आने से जख्मी हो गया था। परिवार का कमाने वाला लाल भागीरथ अब चारपाई पर हैं और उसकी पत्नी भीख मांगकर उसका इलाज कराने को मजबूर है। उसके दोनों पैर जख्मी है और उसका उपचार निजी अस्पताल में चला। लेकिन ऑपरेशन के लिये पैसे न होने के चलते परिजन बिना ईलाज के घायल को घर ले आये और अब युवक घर की चारपाई पर पड़ा है। राहत के नाम पर उसे 4300 रुपये का मुआवजा मिला जो नाकाफी निकला।
आर्थिक हालत खराब, प्रशासन से गुहार
भागीरथ के परिजनों का कहना है कि घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। घर में जो भी था, इलाज में खर्च हो गया। अब भगीरथ की पत्नी अपने बच्चों संग पति के इलाज के लिये दर दर मदद की भीख मांग रही है। पीड़ित परिवार ने बताया कि 2 मई को आए तूफान की चपेट में टिन शेड गिरने से भगीरथ घायल हुआ था। पैर में हुए फैक्चर के ऑपरेशन के लिए पैसे न होने के कारण परिजन युवक को घर ले आए। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण परिजन ऑपरेशन नहीं करा पा रहे हैं । शासन की तरफ से आर्थिक मदद के रूप में केवल 4300 रुपये का मुआवजा मिला है। जो कि इस इलाज के लिए नाकाफी है। अब परिवार प्रशासन से गुहार लगा रहा है कि उसके इलाज के लिए कोई व्यवस्था की जाए।