
आगरा। संत बाबा साधू सिंह जी मोनी और संत बाबा निरन्जन सिंह की याद में समर्पित सालाना गुरमत समागम की आरम्भता आज भाई नन्द लाल समागम हाल में बड़े ही श्रद्धा पूर्ण वातावरण में हुई, जिसमें देश के विभिन्न स्थानों से आए 14 से अधिक कवियों ने गुरुओं के इतिहास और गुरुद्वारा गुरु का ताल का इतिहास और आगरा के विभिन्न ऐतहासिक गुरुद्वारों के इतिहास से संगत को रूबरू करवाया।
श्री अखंड साहिब का पाठ
आज प्रातः समागम के अन्तर्गत श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा गुरु के ताल पर श्री अखंड पाठ साहिब की आरम्भता हुई, जिसकी सम्पूर्णता 3 तारीख को होगी। शाम को तीन दिवसीय दीवान की आरम्भता शाम 7 बजे भाई नन्द लाल समागम हाल में संत बाबा प्रीतम सिंह द्वारा नाम, सिमरन अते अभ्यास से हुई। इसके बाद हजूरी रागी भाई कुलदीप सिंह कोमल ने पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव जी की वाणी
पाए लगो मोहे करो वेनती कोउ संत मिले बडभागी। अतार्थ हे सतगुरु आपके चरणों में वेनती है की मुझे ऐसा कोई संत मिला दो जो मुझे सही रास्ते पर डाल दे कि मेरे जीवन में भटकाव खत्म हो जाये। हजूरी रागी भाई गुरु लाल सिंह भाई गुरजीत सिंह ने भी गुरबानी का गायन किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत
आज के कवि दरबार की शुरुआत दिल्ली से पधारे गुरुचरन सिंह चरन ने आगरा शहर के महत्त्व को बताते हुए कहा की यहां चार सिक्ख गुरुओं के चरन पड़े । पहले पातशाही श्री गुरु नानक देव जी ते, छवे पातशाही गुरु हरि गोविन्द आए थे। नोवें पातशाही गुरु तेग बहादुर जी तीन बार हन दरस दिखाए थे। दसवें पातशाही गुरु गोविन्द सिंह जी बहादुर साहिब नाल कॉल दिखाए निभाए थे। पंथक कवि राम सिंह राही दिल्ली ने
वड भागा नगर आगरा गुरु का ताल है थे। गुरु का द्वारा बड़ा बेमिसाल है। शीतल सिंह दिल्ली से आए ने जाईऐ आगरा ते जीटी रोड उत्ते, गुरुद्वारा आलिशान नज़र आवे। मण्डी राजा की उसनू कहन सारे हर प्राणी लगदा ऐथे शीश झुकावे। इस प्रकार एक एक करके वीवी सतनाम कौर, सुरजीत सिंह, डॉ. सतपाल कौर, वीवी राजिंदर कौर राज, अमृत सिंह रंगीला आदि ने गुरु इतिहास से रूबरू करवाया ।
गुरु के ताल के मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह एवं समन्वयक बन्टी ग्रोवर ने बताया की कल 2 अक्टूबर को दीवान की आरम्भता प्रातः 9बजे से दोपहर 3 बजे तक पुनः शाम 7 बजे से रात्रि 12 बजे तक दीवान सजेगा। समागम में बाबा पाल सिंह ,बाबा अमरीक सिंह, बाबा गुरतेज सिंह, बाबा ईशर सिंह, बाबा कृष्ण सिंह, सतनाम सिंह, केवल सिंह, अमर सिंह, हरपाल सिंह, महंत महेंद्र सिंह आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही ।