आगरा

गुरुद्वारा गुरु का ताल में तीन दिवसीय गुरमत समागम का शुभारम्भ

कवियों ने गुरुओं के इतिहास और गुरुद्वारा गुरु का ताल का इतिहास और आगरा के विभिन्न ऐतहासिक गुरुद्वारों के इतिहास से संगत को रूबरू करवाया।
2 min read
• •
Updated: 1 Oct 2017, 6:34 PM IST
Feature image

आगरा। संत बाबा साधू सिंह जी मोनी और संत बाबा निरन्जन सिंह की याद में समर्पित सालाना गुरमत समागम की आरम्भता आज भाई नन्द लाल समागम हाल में बड़े ही श्रद्धा पूर्ण वातावरण में हुई, जिसमें देश के विभिन्न स्थानों से आए 14 से अधिक कवियों ने गुरुओं के इतिहास और गुरुद्वारा गुरु का ताल का इतिहास और आगरा के विभिन्न ऐतहासिक गुरुद्वारों के इतिहास से संगत को रूबरू करवाया।

श्री अखंड साहिब का पाठ
आज प्रातः समागम के अन्तर्गत श्री मंजी साहिब गुरुद्वारा गुरु के ताल पर श्री अखंड पाठ साहिब की आरम्भता हुई, जिसकी सम्पूर्णता 3 तारीख को होगी। शाम को तीन दिवसीय दीवान की आरम्भता शाम 7 बजे भाई नन्द लाल समागम हाल में संत बाबा प्रीतम सिंह द्वारा नाम, सिमरन अते अभ्यास से हुई। इसके बाद हजूरी रागी भाई कुलदीप सिंह कोमल ने पंचम पातशाही गुरु अर्जुन देव जी की वाणी
पाए लगो मोहे करो वेनती कोउ संत मिले बडभागी। अतार्थ हे सतगुरु आपके चरणों में वेनती है की मुझे ऐसा कोई संत मिला दो जो मुझे सही रास्ते पर डाल दे कि मेरे जीवन में भटकाव खत्म हो जाये। हजूरी रागी भाई गुरु लाल सिंह भाई गुरजीत सिंह ने भी गुरबानी का गायन किया।

कवि सम्मेलन की शुरुआत
आज के कवि दरबार की शुरुआत दिल्ली से पधारे गुरुचरन सिंह चरन ने आगरा शहर के महत्त्व को बताते हुए कहा की यहां चार सिक्ख गुरुओं के चरन पड़े । पहले पातशाही श्री गुरु नानक देव जी ते, छवे पातशाही गुरु हरि गोविन्द आए थे। नोवें पातशाही गुरु तेग बहादुर जी तीन बार हन दरस दिखाए थे। दसवें पातशाही गुरु गोविन्द सिंह जी बहादुर साहिब नाल कॉल दिखाए निभाए थे। पंथक कवि राम सिंह राही दिल्ली ने
वड भागा नगर आगरा गुरु का ताल है थे। गुरु का द्वारा बड़ा बेमिसाल है। शीतल सिंह दिल्ली से आए ने जाईऐ आगरा ते जीटी रोड उत्ते, गुरुद्वारा आलिशान नज़र आवे। मण्डी राजा की उसनू कहन सारे हर प्राणी लगदा ऐथे शीश झुकावे। इस प्रकार एक एक करके वीवी सतनाम कौर, सुरजीत सिंह, डॉ. सतपाल कौर, वीवी राजिंदर कौर राज, अमृत सिंह रंगीला आदि ने गुरु इतिहास से रूबरू करवाया ।


गुरु के ताल के मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह एवं समन्वयक बन्टी ग्रोवर ने बताया की कल 2 अक्टूबर को दीवान की आरम्भता प्रातः 9बजे से दोपहर 3 बजे तक पुनः शाम 7 बजे से रात्रि 12 बजे तक दीवान सजेगा। समागम में बाबा पाल सिंह ,बाबा अमरीक सिंह, बाबा गुरतेज सिंह, बाबा ईशर सिंह, बाबा कृष्ण सिंह, सतनाम सिंह, केवल सिंह, अमर सिंह, हरपाल सिंह, महंत महेंद्र सिंह आदि की उपस्थित उल्लेखनीय रही ।

Published on:
Also Read
View All
‘भाजपा किसी की सगी नहीं’ MLC चुनाव में बवाल, सपा नेता ने BJP प्रत्याशियों पर आकाश अग्रवाल पर जानलेवा हमले का लगाया आरोप

UP MLC Election 2026: ‘पश्चिम बंगाल जैसी गुंडई यूपी में भी’, सपा प्रत्याशी बोले- 12 जिलों में आपातकाल से भी बदतर हालात’

ताजमहल की खूबसूरती के साथ भारतीय संस्कृति के रंग में रंगे विदेशी पर्यटक, बोलीं फ्रांस की अलेक्जेंड्रा- भारत में सुरक्षित महसूस हो रहा

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आवास पर प्रदर्शन के आरोपी कांग्रेस नेता रिहा, जेल से निकलते ही निकाला जुलूस, पुलिस से हुई तीखी नोकझोंक

Agra News: जेल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिले अजय कुमार लल्लू, जानिए CEC ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या कहा?