आगरा

पत्रिका स्पेशल: ये गुरु, जो शिष्यों के लिए भगवान से भी अधिक रखते हैं महत्व

पंडित तुलराम शर्मा, जिनकी वजह से कई बाल श्रमिकों को मिली कामयाबी।

2 min read
Jul 27, 2018
Guru purnima 2018

आगरा। गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय, संत कबीर जी का ये दोहा तो आपने सुना ही होगा। इस दोहे के अनुरूप आगरा के एक ऐसे गुरु हैं, जो अपने शिष्यों के लिए ईश्वर से भी अधिक महत्व रखते हैं। इनका नाम है पंडित तुलाराम शर्मा। तुलाराम शर्मा बाल श्रमिकों के लिए बड़ा कार्य कर रहे हैं। उनकी पीड़ा को देखते हुए तुलाराम शर्मा ने बाल श्रमिक विद्यालय खुलवाये। उनकी इस पहल के बाद उनके कई शिष्य बाल श्रम के दलदल से निकलर समाज की मुख्य धारा से जुड़े।

पत्थर की खदान से नापी आसमान की उंचाई
बेहद गरीब परिवार में जन्मे राम अवतार सिंह का पूरा परिवार पत्थर की खदान में काम करता था। राम अवतार भी परिवार के साथ इन खदान में जाता था, लेकिन आज राम अवतार एयर फोर्स में पायलेट है। राम अवतार की बेहद ही रौचक कहानी है। ये बात है 1998 की, जब पंडित तुलाराम शर्मा की नजर पत्थर की खदान में काम कर रहे मासूम रामअवतार पर पड़ी। तुलाराम शर्मा ने रामअवतार से बात की, उसकी पढ़ाई के प्रति रुचि को देखते हुए अपने यहां एडमीशन कराया। मेहनत से रामअवतार ने पढ़ाई की और आज वो पायलेट है। राम अवतार पंडित तुलाराम शर्मा को ईश्वर से भी अधिक मानता है। तुलाराम शर्मा ने बताया कि उन्हें राम अवतार पर गर्व है।

पिंकी की कहानी भी पढ़िये
ऐसी ही कहानी पिंकी जैन की है, जो अपने पिता के देहांत के बाद मां के साथ छीपीटोला में काम करती थी। पंडित तुलाराम शर्मा ने बताया कि वे एक दिन धनौली से आगरा किसी काम से आये थे, वहां उनकी कमर लोहे के कबाड़ को बीनती पिंकी पर नजर पड़ी। तुलाराम शर्मा ने पिंकी की मासूम आंखों में शिक्षा प्राप्त करने की ललक देखी, तो उसकी मां से बात करने पहुंच गए। मां से बात करने के बाद पिंकी को अपने स्कूल में पढ़ाने का निर्णय लिया। पिंकी की शिक्षा दीक्षा पूरी कराई, जिसके बाद आज पिंकी उन्हीं के स्कूल में प्रधानाध्यापिका है।

Published on:
27 Jul 2018 04:39 pm
Also Read
View All