आगरा

Hindi Diwas 2018 पर जानिए आखिर क्यों है हिंदी दिवस की मान्यता और महत्व

14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा ये निर्णय लिया गया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इसके बाद 1953 से पूरे देश में से Hindi Diwas मनाया जाने लगा।
2 min read
Sep 12, 2018
hindi diwas
hindi diwas

आगरा। हिंदी दिवस हर वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। Hindi Diwas पर सरकारी, गैर सरकारी कार्यालयों में विशेष कार्यक्रम का आयोजन होता है। हिंदी दिवस की मान्यता के बारे में काफी कम लोगों को जानकारी है। केंद्रीय हिंदी संस्थान के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रो. गंगाधर बोगड़े से पत्रिका टीम ने बात की और जाना कि हिंदी दिवस की मान्यता क्या है। उन्होंने बताया कि 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा द्वारा ये निर्णय लिया गया था कि हिंदी ही भारत की राजभाषा होगी। इसके बाद 1953 से पूरे देश में से हिंदी दिवस मनाया जाने लगा।


हिंदी दिवस को 1953 से मनाया जा रहा
हिंदी दिवस को 1953 से मनाया जा रहा है। अंकों के आधार पर 14 सितम्बर को श्रेष्ठ दिन माना गया था और इसी दिन से हिंदी दिवस के रूप में मनाने के लिए घोषणा की गई। हालांकि जब राजभाषा के रूप में हिंदी का चयन हुआ तो कई गैर हिंदी भाषी प्रदेशों द्वारा इसका धुर विरोध किया गया और इसी के चलते अंग्रेजी को भी राजभाषा का दर्जा देना पड़ा।

प्रभावित हो रही है हिंदी
गैर हिंदी भाषी राज्यों में अंग्रेजी को राजभाषा का दर्जा मिलने के कारण आज हिंदी काफी प्रभावित हो रही है। हिंदी सीखने के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान द्वारा गैर हिंदी भाषी राज्यों में सेंटर्स खोले गए हैं। नागालैंड, मिजोरम, असम आदि राज्यों के छात्र हिंदी सीखने के लिए केंद्रीय हिंदी संस्थान में आते हैं। हिंदी दिवस को आज पूरे देश में मनाया जाता है। इसके लिए कई कार्यक्रम आयोजित होते हैं। हिंदी निंबध लेखन, वाद विवाद प्रतियोगिता आदि होती हैं। अंग्रेजी के शब्दों के बोलचाल में बढ़ते चलन के कारण आज हिंदी भाषा के विलुप्त होने का डर सता रहा है। प्रो.बोगड़े का कहना है कि अंग्रेजी के शब्दों का बोलचाल का चलन कम करना होगा और हिंदी भाषा का अधिक से अधिक इस्तेमाल आम बोलचाल की भाषा में करना होगा।

Updated on:
14 Sept 2018 01:46 pm
Published on:
12 Sept 2018 02:34 pm