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Agra Woman Death News: परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी पैर हिला, 9 दिन बाद फिर मौत

Agra Woman Declared Dead Moves: आगरा में 65 वर्षीय महिला को अस्पताल में मृत घोषित कर शव घर लाया गया था। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान दामाद ने पैर में हलचल महसूस की। अस्पताल में 9 दिन इलाज चला, लेकिन रविवार को महिला की फिर मौत हो गई।
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आगरा

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Dimple Yadav

Aug 10, 2026

Agra Woman Death News Agra Woman Alive After Declared Dead Trans Yamuna Colony Agra

65 वर्ष बुजुर्ग महिला के मृत शरीर में लौटी थी जान

Agra Woman Declared Dead Moves: घर में मातम था और परिवार 65 वर्षीय शीला देवी के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ, जिसने कुछ पल के लिए पूरे परिवार की उम्मीद जगा दी। अंतिम दर्शन के दौरान उनके दामाद ने पैर छुआ तो उन्हें शरीर में हलचल महसूस हुई। परिवार ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया और करीब 9 दिन तक जिंदगी बचाने की कोशिश चली। परिवार ने इलाज में पांच लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए, लेकिन रविवार सुबह शीला देवी ने आखिरकार दम तोड़ दिया।

अप्रैल से लीवर की बीमारी से थीं परेशान

मामला आगरा के थाना ट्रांस यमुना कॉलोनी क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी का है। यहां रहने वाले सुनील की 65 वर्षीय मां शीला देवी पिछले कुछ समय से लीवर की बीमारी से जूझ रही थीं। अप्रैल से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें बदायूं में रहने वाले दूसरे बेटे के पास ले गए। वहां से उन्हें इलाज के लिए बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार महिला के शव को लेकर आगरा लौट आया।

अंतिम संस्कार की तैयारी के बीच महसूस हुई हलचल

परिवार के मुताबिक, शीला देवी को मृत घोषित किए जाने के करीब 17 घंटे बाद जब अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, तभी उनके शरीर में हलचल महसूस हुई। मौत की खबर सुनकर रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए घर पहुंच रहे थे। इसी दौरान शीला देवी के दामाद उनके पैर छूने पहुंचे। उन्होंने पैर में हलचल महसूस की तो तुरंत बाकी परिजनों को इसकी जानकारी दी। पहले तो किसी को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब परिवार ने ध्यान दिया तो सभी हैरान रह गए। कुछ देर पहले जिस घर में अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी, वहां अचानक इलाज की उम्मीद जाग गई।

अस्पताल के ICU में शुरू हुआ इलाज

बेटे सुनील और संदीप ने मां को बचाने की उम्मीद नहीं छोड़ी। उन्हें गंभीर हालत में नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें ICU में भर्ती कर उपचार शुरू किया। परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी हालत में सुधार आएगा। करीब नौ दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चलता रहा। परिजनों के मुताबिक, मां के इलाज पर पांच लाख रुपये से अधिक खर्च हुए। परिवार के लिए ये नौ दिन उम्मीद और चिंता के बीच गुजरे। हर दिन उन्हें शीला देवी की हालत बेहतर होने की उम्मीद रहती थी।

रविवार सुबह फिर छा गया मातम

हालांकि, परिवार की यह उम्मीद ज्यादा दिनों तक कायम नहीं रह सकी। रविवार सुबह इलाज के दौरान शीला देवी की दोबारा मौत हो गई। इसके बाद परिवार में एक बार फिर मातम छा गया। जिस परिवार ने कुछ दिन पहले उन्हें खोने के बाद अचानक जिंदगी की उम्मीद देखी थी, उसे अब दोबारा उसी दर्द से गुजरना पड़ा।