
जमीन कब्जे से जुड़े केस में आजम खान का आया नाम
Azam Khan Land Encroachment Case: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से जुड़ा करीब 20 साल पुराना जमीन विवाद एक बार फिर चर्चा में है। प्रयागराज के दरियाबाद इलाके में पार्क की जमीन और उससे लगी सड़क पर कथित कब्जे के मामले की अब नए सिरे से जांच होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसकी मौजूदा कीमत करीब 4 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सरकारी जमीन पर कब्जे की शुरुआत कैसे हुई और उस समय अधिकारियों की भूमिका क्या रही।
पूरा मामला वर्ष 2006 का बताया जा रहा है। उस समय प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार थी और आजम खान नगर विकास मंत्री थे। आरोप है कि 14, 15 और 18 अगस्त को लगातार सार्वजनिक छुट्टियों के दौरान प्रयागराज के दरियाबाद मोहल्ले में पार्क की सरकारी जमीन पर कब्जे की कोशिश शुरू हुई। इस जमीन के साथ लगी सड़क को लेकर भी विवाद सामने आया था। मामला पुराना होने के बावजूद अब एक बार फिर इसकी फाइल खोली गई है। SIT यह जांच करेगी कि छुट्टियों के दौरान जमीन पर क्या गतिविधियां हुईं, कब्जे की प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ी और इसमें किन लोगों की भूमिका थी।
इस मामले में माफिया अतीक अहमद से जुड़े कुछ लोगों पर भी जमीन पर कब्जे के आरोप लगाए गए थे। स्थानीय लोगों की ओर से उस समय इसका विरोध किए जाने और अधिकारियों से शिकायत करने की बात सामने आई है। शिकायतों में यह भी आरोप लगाया गया था कि तत्कालीन नगर विकास मंत्री आजम खान ने अधिकारियों को कार्रवाई करने से रोका। हालांकि, इन आरोपों की अब SIT जांच करेगी। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति की भूमिका या आरोपों को अंतिम तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।
सरकार के निर्देश के बाद गठित SIT में एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र, PDA सचिव विनीत कुमार सिंह और DCP सिटी मनीष शांडिल्य को शामिल किया गया है। टीम पुराने रिकॉर्ड, जमीन से जुड़े दस्तावेज, प्रशासनिक कार्रवाई और उस समय की शिकायतों की पड़ताल कर सकती है। करीब दो दशक पुराने मामले में जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेज और साक्ष्य अहम होंगे।
आजम खान फिलहाल रामपुर जेल में बंद हैं। उन्हें दो पैन कार्ड और भड़काऊ भाषण से जुड़े मामलों में सजा हो चुकी है। वह रामपुर विधानसभा सीट से 10 बार विधायक रह चुके हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान दाखिल हलफनामे के मुताबिक, आजम खान और उनकी पत्नी तंजीन फात्मा की कुल चल-अचल संपत्ति करीब 6.14 करोड़ रुपये बताई गई थी। अब प्रयागराज के इस पुराने जमीन विवाद की जांच दो दशक बाद फिर शुरू होने से मामला एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा में आ गया है। SIT की जांच में यह साफ होगा कि उस समय जमीन पर क्या हुआ था और कथित कब्जे के पीछे किन लोगों की भूमिका थी।
Updated on:
10 Aug 2026 01:48 pm
Published on:
10 Aug 2026 01:48 pm
