
'गटर जनरेशन' बयान पर बढ़ीं कंगना रनौत की मुश्किलें, आगरा कोर्ट में 21 अगस्त को सुनवाई। (फोटो सोर्स- ANI)
Kangana Ranaut Gutter Generation Remark:हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत अपनी तीखी बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं। लेकिन इस बार उनके बोल इतने कड़वे साबित हुए हैं कि मामला अब फिल्मी गॉसिप से निकलकर कानून की दहलीज तक जा पहुंचा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को 'गटर जनरेशन' कहने का मामला अब शांत होता नहीं दिख रहा। आगरा की विशेष अदालत (MP-MLA कोर्ट) ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और कंगना की मुश्किलें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं।
दरअसल, यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ था जब छात्र अपनी मांगों और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। उसी दौरान कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर बेहद तल्ख टिप्पणी करते हुए युवाओं को 'गटर जनरेशन' (गटर की पैदावार) कह डाला था। इस बयान के सामने आते ही देशभर के युवाओं और उनके माता-पिता में भारी गुस्सा फैल गया।
कंगना के इस विवादित बयान के खिलाफ आगरा के वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशंकर शर्मा ने मोर्चा खोला है। उन्होंने आगरा के विशेष MP-MLA कोर्ट में कंगना के खिलाफ मानहानि और देश के युवाओं का अपमान करने की धाराओं के तहत परिवाद (याचिका) दायर किया है।
इस पूरे मामले पर उत्तर प्रदेश के आगरा से वरिष्ठ वकील रामाशंकर शर्मा ने साफ शब्दों में कहा कि मैंने भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के खिलाफ स्पेशल कोर्ट MP-MLA में एक वाद दायर किया है। वाद इस बात को लेकर है कि कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को गटर जनरेशन बताया। उनको ऐसी बातें करने की आदत है। उन्होंने देश के छात्रों का अपमान किया है और उनके माता-पिता को गाली दी। यह छात्रों के भविष्य का सवाल है। 21 अगस्त को इस मामले पर कोर्ट में सुनवाई होगी।
अदालत ने इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए सुनवाई की तारीख 21 अगस्त तय कर दी है। कानूनी जानकारों का मानना है कि अगर 21 अगस्त को सुनवाई के दौरान कोर्ट आरोप को सही पाती है, तो कंगना रनौत को अदालत से समन जारी हो सकता है, जिसके बाद उन्हें खुद कोर्ट में हाजिर होना पड़ सकता है।
याचिकाकर्ता वकील ने सख्त रुख अपनाते हुए दोहराया कि जो माता-पिता अपनी दिन-रात की मेहनत और खून-पसीने की कमाई से अपने बच्चों को पढ़ाते-लिखाते हैं, उनके बच्चों को गटर कहना सीधे-सीधे उन परिवारों के संस्कारों पर हमला है। यह सिर्फ एक शब्द नहीं, बल्कि देश के भविष्य और लाखों युवाओं के स्वाभिमान को पहुंचाई गई गहरी चोट है।
अब सबकी नज़रें 21 अगस्त को होने वाली अदालती कार्रवाई पर टिकी हैं। फिलहाल आगरा कोर्ट के इस सख्त रुख ने यह साफ कर दिया है कि बड़बोलापन कभी-कभी भारी कानूनी मुश्किलों का सबब बन सकता है।
Updated on:
12 Aug 2026 09:38 am
Published on:
12 Aug 2026 09:38 am
