
हिमाचल में मानसून का कहर, फोटो सोर्स- ians
Himachal road blockade update: हिमाचल प्रदेश में मानसून का प्रकोप दिन-ब-दिन गंभीर रूप लेता जा रहा है। निरंतर जारी मूसलाधार बारिश, भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ के कारण राज्य की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 9 अगस्त तक बारिश और उससे जुड़े हादसों में अब तक 157 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 257 लोग लापता हैं। राज्य को अब तक लगभग 886 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है।
पहाड़ों से लगातार मलबा गिरने और भूस्खलन की घटनाओं के चलते हिमाचल प्रदेश में 259 सड़कें बंद हो गई हैं। इससे कई इलाकों में लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और राहत एवं बचाव कार्यों में भी परेशानी आ रही है। मंडी सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 120 सड़कें बंद हैं। इसके अलावा चंबा में 42, कुल्लू में 40 और शिमला में 30 सड़कें ठप हैं। वहीं, मंडी और कुल्लू को जोड़ने वाला प्रमुख हाईवे भी भूस्खलन की वजह से बंद है, जिससे इन इलाकों के बीच यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बारिश और भूस्खलन का असर हिमाचल की बिजली और पानी जैसी जरूरी सुविधाओं पर भी पड़ा है। राज्य में 161 बिजली ट्रांसफार्मर एक सप्ताह से ज्यादा समय से बंद हैं, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है। मंडी में सबसे ज्यादा 77 ट्रांसफार्मर बंद हैं, जबकि कुल्लू में 40 ट्रांसफार्मर खराब पड़े हैं। वहीं, लगातार बारिश और प्राकृतिक आपदा के कारण 54 जलापूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं। इनमें अकेले शिमला की 33 योजनाएं शामिल हैं, जिससे कई इलाकों में लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने कांगड़ा, मंडी, हमीरपुर, शिमला और सिरमौर जिलों के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, सोलन और बिलासपुर में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान जताया गया है।
हिमाचल के साथ-साथ उत्तराखंड में भी मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। चमोली जिले की खूबसूरत नीति घाटी (Niti Valley) से हैरान कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां पानी के तेज बहाव में एक लोहे का पुल पूरी तरह से बह गया।
Updated on:
11 Aug 2026 03:07 pm
Published on:
11 Aug 2026 03:07 pm
