मां तू तो अतीत की कहानी हो गई...
आगरा।आगरा पब्लिक स्कूल के सहयोग से हिन्दी काव्य दरबार मां पर केद्रित रहा। मां की महिमा व ममता के साथ मां की वेदना जब गीत कविताओं में छलकी, तो आंखों में नमी आई और होठों पर आह वाल के स्वर फूट पड़े।
घर की तू नौकरानी हो गई
वरिष्ठ कवयित्री डॉ. कुसुम चतुर्वेदी ने सुमधुर शारदे वंदना के बाद इन पंक्तियों से मां को नमन किया तेरी सूरत में बसते हैं, धरती पर भगवान। शक्ति शतरूपा मां। शत् शत् तुझे प्रणाम। डॉ. मधु भारद्वाज के व्यंग्य की धार सीधे दिल में उतर गई व्हाट्सएप की तू रानी हो गई। घर की तू नौकरानी हो गई। वक्त ने ऐसी ली अंगड़ाई। मां तू तो अतीत की कहानी हो गई। रमा वर्मा श्याम का ये गीत सबकी वाह वाही बटोर ले गया मां की ममता, मां का प्यार। सुखमय जीवन का आधार। नूतन अग्रवाल ज्योति की इन पंक्तियों को भी सराहना मिली जिंदगी की धूप से मिल के आए हम। मां जैसे उस रूप से मिल के आए हम।
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मां सख्त कदम उठाए, तो बच्चे गलत राह पर न जाएं
समारोह के मुख्य अतिथि व आगरा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन महेश चंद शर्मा ने मां से जुड़े अनुभव बांटते हुए कहा कि अगर मां सही समय पर सख्त कदम उठा ले तो बच्चे गलत राह पर जाने से रुक सकते हैं। उन्होंने हिन्दी काव्य दरबार की भूरि भूरि सरहाना की। कार्यक्रम का संयोजन संचालन कवि कुमार ललित ने किया। अतिथियों व साहित्यकारों का स्वागत कुणाल गुप्ता, वीपी श र्मा, नैन्सी शर्मा व इशिता अग्रवाल ने किया। विशिष्ठ श्रोता के रूप में उपस्थित कवि अनिल कुमार शर्मा ने सबकी हौसला आफजाई की।
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