
आगरा। पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। मामला थाना जगदीशपुरा के शारदा बिहार कॉलोनी का है। यहां पुलिस ने एक हस्ट्रीशीटर को दबोचा। उसे थाने ले जाने के दौरान पुलिस गिरफ्त से उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस से गुत्थम गुत्था हुई, जिसमें आरोपी की मौत हो गई। आरोपी की मौत से पुलिसवालों के होश उड़ गए। वे आनन फानन में मृतक के शव को आॅटो में डालकर वहां से निकल गए। उधर जब घटना की जानकारी परिजनों को हुई, तो बवाल हो गया। सिकंदरा बोदला रोड पर जाम लगा दिया गया। वाहनों में तोड़फोड़ कर दी गई, पुलिस ने लाठीचार्ज कर बवालियों को मौके से खदेड़ा।
ये है मामला
थाना न्यू आगरा पुलिस के अनुसार 2016 में मोबाइल लूट के मामले में जुगनू, उसके भाई रवि और दीपक के नाम सामने आए थे। जुगनू पर न्यू आगरा, हरीपर्वत और जगदीशपुरा थाने में लूट के मुकदमे दर्ज हैं। इसके बाद उसके नाम से हिस्ट्रीशीट संख्या 60ए खोली गई। रवि और दीपक को जेल भेज दिया गया, जबकि दीपक वांछित चल रहा था। उसके नाम कोर्ट से कुर्की का नोटिस भी जारी कर दिया गया था। गुरुवार शाम चार बजे दरोगा योगेंद सिंह आरोपी के घर नोटिस चस्पा करने पहुंचे। जगदीशपुरा पुलिस का एक सिपाही भी साथ था। पुलिस को जुगनू घर में ही मिल और वह उसे पकड़कर लाने लगी।
भागने का किया प्रयास
बताया गया है कि बाइक पर बैठाने के दौरान उसने भागने की कोशिश की। उसे रोकनेे के प्रयास में पुलिस की गुत्थमगुत्था भी हुई। इसी दौरान अचानक वह जमीन पर गिर पड़ा। पुलिस उसे एसएन मेडिकल कालेज इमरजेंसी लेकर पहुंची। जहां उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर बड़ी संख्या में परिवारीजन और मोहल्ले के लोग पहुंच गए। मृतक की मां कृष्णा ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके बेटे की लात-घूसों से पिटाई की जिससे उसकी मौत हो गई।
जमकर हुआ बवाल
घटना के बाद शारदा विहार के लोगों ने सिकंदरा-बोदला रोड पर दहतोरा मोड़ पर जाम लगा दिया। पुलिस जाम खुलवाने पहुंची तो पथराव कर दिया। पुलिस पर भी हमला किया। कई वाहनों के शीशे चकनाचूर हो गए। बाद में कई थानों का फोर्स पहुंचने पर बलवाइयों को खदेड़ा गया।