छिपकली किसी ऐसे स्थान पर गिरती है जो अपशकुन माना जाता है तो फौरन स्नान कर लें या फिर सोने की अंगूठी से उस स्थान पर गंंगाजल छिड़क दें। इससे उस अपशकुन का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
हमारे घर से लेकर दुकान, आॅफिस तक की दीवारों पर छिपकली आसानी से दिख जाती है। आमतौर पर उसके पंजों पर करोड़ों बाल होते हैं जिनकी मदद से वो दीवारों, अलमारियों आदि पर तेजी से चिपककर दौड़ती है। लेकिन कई बार संतुलन बिगड़ने से छिपकली गिर जाती है। ज्योतिश शास्त्र में इससे जुड़े कई शकुन और अपशकुन माने गए हैं। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानते हैं इन मान्यताओं के बारे में।
— ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि माथे पर गिरे तो किसी अपने से मुलाकात होती है। जंग में जीत होती है।
— यदि सिर पर गिरे तो ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। नौकरी में पदोन्नति होती है। व्यक्ति का मान सम्मान बढ़ता है।
— पुरुषों के दाएं कान पर गिरना शुभ होता है। इससे आयु बढ़ती है और बाएं कान पर गिरना अशुभ होता है। इससे रोग निकट आते हैं। महिलाओं के लिए यही क्रम उल्टा है। यानी बाएं पर गिरना शुभ और दाएं पर अशुभ है।
— बालों पर छिपकली का गिरने का मतलब है कि मृत्यु के समान कष्ट पहुंचना।
— आंखों पर गिरना शुभ माना जाता है। इसस धन की प्राप्ति होती है।
— दाहिने कंधे पर गिरे तो युद्ध में विजय होती है और बाएं कंधे पर छिपकली गिरने से शत्रुता बढ़ती है।
— छिपकली यदि सीने पर गिरे तो भाग्य बेहतर होता है।
— हाथों पर गिरने का मतलब है कि कोई नया वस्त्र मिलेगा।
— कलाई पर गिरना तनाव या मानसिक कष्ट का संकेत है।
— पेट पर गिरने से बड़ा लाभ हो सकता है। गहने आदि मिल सकते हैं। आप मालामाल हो सकते हैं।
— पीठ पर छिपकली का गिरने का मतलब है नए चैलेंज और जिम्मदारी के लिए तैयार हो जाइए।
— यदि पैरों पर गिरे तो ये यात्रा का संकेत है।
मान्यताओं के बावजूद परेशान होने की जरूरत नहीं
इस मामले में ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि छिपकली को लेकर बेशक तमाम मान्यताएं प्रचलित हैं, लेकिन फिर भी इससे परेशान नहीं हों। यदि छिपकली किसी ऐसे स्थान पर गिरती है जो अपशकुन माना जाता है तो फौरन स्नान कर लें या फिर सोने की अंगूठी से उस स्थान पर गंंगाजल छिड़क दें। इससे उस अपशकुन का प्रभाव समाप्त हो जाता है।