
आगरा। नोटबंदी से पहले बड़ा घपला हुआ था। आयकर विभाग की टीम ने सर्च की कार्रवाई से पहले नोटबंदी के दौरान खरीद बिक्री के रिकॉर्ड चेक किए तो टीम के होश उड़ गए थे। तीन समूहों ने 123 करोड़ रुपये का सोना नोटबंदी के दौरान नगद बिक्री में दिखाया था। दिलचस्प बात ये थी कि जिन तीन फर्मों ने सोने की बिक्री जिस फर्म को बिक्री दिखाई गई वो 2012 में ही बंद हो चुकी थी। आयकर की टीम द्वारा की जा रही जांच में बड़ा घपला खुलने की आशंकाएं हैं। गौरतलब है कि करीब अठारह महीने पहले आयकर ने जब सर्वे किया था, तब बड़ी रकम सरेंडर की गई थी। आयकर विभाग की दो साल के अंदर की गई कार्रवाई से शहर के 31 बुलियन कारोबारियों में खलबली मची हुई है।
श्याम बोहरा के साथ कई सरार्फों के संबंध
आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो सट्टा किंग श्याम बोहरा के साथ कई बुलियन कारोबारियों के संबंध होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और नगदी भी आयकर विभाग ने बरामद की है। स्टेट बैंक के स्ट्रांग रूम में इसे रखने के लिए व्यवस्था की जा सकती है।
300 से अधिक अधिकारी जुटे हैं
आगरा सहित कई अन्य स्थानों पर 300 से अधिक आयकर अधिकारी पिछले 28 घंटे से सर्च में जुटे हुए हैं। 31 प्रतिष्ठानों में से आगरा, मथुरा, दिल्ली और मुंबई सहित 24 जगह पर सर्च और सात जगह पर सर्वे की कार्रवाई चल रही है। आयकर विभाग को करोडों की अघोषित आय मिलने का अनुमान है। प्रधान आयकर निदेशक जांच अमरेंद्र कुमार के निर्देशन में और संयुक्त निदेशक जांच तरुण कुशवाह की निगरानी में 31 टीमों ने गुरुवार सुबह आठ बजे एक साथ आगरा में बुलियन कारोबारी सुशीला चौहान, अजय अवागढ़ और मथुरा के नीरज अग्रवाल (आरएस बुलियन) की फर्मों पर छापे मारे थे। आगरा में चौबे जी का फाटक, मोती कटरा स्थित आवास मथुरा में आरएस बुलियन के प्रतिष्ठान, इन फर्मों के मुंबई और दिल्ली के प्रतिष्ठानों पर सर्च और सर्वे की कार्रवाई चल रही है।