Inter state conversion racket busted: आगरा में अंतर राज्य धर्मांतरण गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इस प्रकार अब तक कुल 18 की गिरफ्तारी हो गई है। 12 लड़कियों का रेस्क्यू भी किया गया है।
Inter state conversion racket busted: आगरा पुलिस ने धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह के सदस्यों में से चार को गिरफ्तार किया है। इसके पहले 14 अन्य की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मिशन अस्मिता के अंतर्गत प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।इस संबंध में सदर बाजार थाना में विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2021 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस की छह टीमें लगाई गई थी। जिसने दिल्ली और राजस्थान से अवैध धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। अब तक 12 लड़कियों का रेस्क्यू भी किया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में बड़े धर्म परिवर्तन गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने धर्मांतरण के अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया था। जिसमें 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इसी क्रम में चार अन्य को गिरफ्तार किया गया है जो दिल्ली और राजस्थान के रहने वाले हैं।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि जतिन कपूर उर्फ जसिन (32) पुत्र विनय कपूर को गिरफ्तार किया गया है जो एमबीए पास है और वेबसाइट डिजाइनिंग का काम करता है। जतिन डिजिटल दुनिया का एक्सपर्ट है जो नौजवानों को इस्लाम धर्म की ओर आकर्षित करता है और धर्म परिवर्तन भी करवाता है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि भरतपुर राजस्थान के मौलाना हसन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मौलाना हसन गलत तरीके से शादी कराने के बाद उनका निकाहनामा भी तैयार करता था। इसी प्रकार तरमीज उर्फ रहमान को गिरफ्तार किया गया है। जो कक्षा 9 पास है और फल का काम करता है। धर्म परिवर्तन कराने वाले मुख्य आरोपी अब्दुल रहमान के साथ कश्मीर सहित अन्य क्षेत्रों में साथ जाता था, जो धर्म प्रचार के साथ दूसरे धर्म के खिलाफ बोलता था।
चौथी गिरफ्तारी परवेज अख्तर की हुई है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक है। दिल्ली में कंप्यूटर हार्डवेयर की दुकान है। परवेज अख्तर, सिद्दीकी के साथ मिलकर किताबें लिखता था। सिद्दीकी को पहले ही एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है, जो धर्म प्रचार का मास्टरमाइंड था। सिद्दीकी के जेल जाने के बाद रहमान के साथ जुड़ गया था। उसने कई धार्मिक पुस्तकें लिखी हैं, जिनमें वह हिंदू धर्म के खिलाफ दुष्प्रचार करता था। लोगों को मुस्लिम धर्म में आने के लिए कारण बताता था। उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोगों को दिल्ली में रहने के लिए जगह देता था, आर्थिक मदद देता था।
आगरा पुलिस ने पहले ही 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। अब चार अन्य को गिरफ्तार किया गया। गिरोह का खुलासा होने के बाद उनकी गतिविधियों में कमी आई थी। लेकिन धीरे-धीरे इनका कार्य चल रहा था। मौलाना हसन के अतिरिक्त दिल्ली के कई अन्य लोग भी शामिल हैं जो धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देते थे। 12 से ज़्यादा लड़कियों को अब तक रेस्क्यू किया जा चुका है जो उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा और झारखंड से थीं। फंडिंग कहां से होती है के सवाल पर उन्होंने बताया कि इसकी पर जांच की जा रही है। दाऊद की तरफ से फंडिंग होती थी, जिसके खिलाफ भी भोपाल में कार्रवाई की गई है। आगे भी जांच हो रही है।