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‘तुम्हारे बच्चों को उठा लेंगे’, मुनीम ने ब्लैकमेल कर लाखों वसूले, DCP के एक्शन के बाद खुली पूरी साजिश

Blackmailer arrested: आगरा में अपने ही अकाउंटेंट के ब्लैकमेल से व्यापारी परेशान हो गया और अवसाद ग्रस्त रहने लगा। इस पर मां और पत्नी बढ़कर आगे आई और ब्लैकमेलर का सामना किया। पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

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ब्लैक करने वाला गिरफ्तार, फोटो सोर्स- पत्रिका

फोटो सोर्स- पत्रिका

Man arrested for threatening businessman in Agra : आगरा में रीसाइक्लिंग का कार्य करने वाले व्यापारी को उसके अपने ही मुनीम ने ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया, जिसमें उसका एक साथी भी शामिल है। मुनीम व्यापारी को धमकता था कि तुम्हारे यहां अग्निशमन मानकों को पूरा करने के लिए यंत्र नहीं लगे हैं, जीएसटी कार्यालय में शिकायत कर देगा, सरकारी किताबें भी रद्दी में खरीदी जा रही हैं। मुनीम की धमकी और ब्लैकमेल से व्यापारी डर गया और मुंह बंद रखने के लिए पैसे देने लगा, धीरे-धीरे करके लाखों रुपए वसूल लिए। मुनीम का वेतन ऊपर से लेता था। वसूली से परेशान व्यापारी अवसाद ग्रस्त हो गया। इस पर मां आगे आई और डीसीपी से मिलकर घटना की जानकारी दी। डीसीपी के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला एत्मादुद्दोला क्षेत्र का है।

रीसाइक्लिंग का काम करता था व्यापारी

उत्तर प्रदेश के आगरा के वजीरपुर महिंद्रा एंक्लेव निवासी अर्जुन गुप्ता 'मनोज एंड कंपनी' नाम से रीसाइक्लिंग का काम करते हैं। जिसमें रद्दी खरीद कर रीसाइक्लिंग किया जाता था। अर्जुन गुप्ता को मुनीम की आवश्यकता पड़ी तो उसने विपिन बिहारी दुबे निवासी सुल्तानगंज को मुनीम के पद पर रख लिया। कुछ दिन सही रहा, बाद में विपिन बिहारी दुबे खुद को बड़ा पत्रकार बताते हुए अर्जुन गुप्ता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

शिकायत करने की धमकी देता था

विपिन धमकी देता था की गोदाम में अग्नि से संबंधित मानक पूरे नहीं किए गए हैं। इसके साथ ही रीसाइक्लिंग के लिए सरकारी किताबें ली जाती है। जीएसटी कार्यालय में शिकायत करने की भी धमकी देता था। अब तो विपिन दुबे बच्चों के अपहरण और गोली मारने की भी धमकी देने लगा।

अर्जुन गुप्ता ने विपिन बिहारी को नौकरी से निकाल दिया

अर्जुन गुप्ता ने बताया कि परेशान होकर उसने विपिन बिहारी को नौकरी से निकाल दिया। फरवरी महीने में विपिन दुबे अपने साथी राज अग्रवाल उर्फ फरमान को लेकर गोदाम पहुंचा और वीडियो बनाने लगा। इस दौरान धमकी दी कि तुम्हारा गोदाम 1 मिनट में सील करवा दूंगा। गोदाम में मां तुम्हारी प्रोपराइटर है, उसे भी जेल जाना पड़ेगा। इसके साथ ही उसने विपिन गुप्ता को नौकरी पर रखने और पैसे की मांग की।

लाखों रुपये की वसूली की

अर्जुन गुप्ता के अनुसार उसने थोड़े-थोड़े करके ढाई लाख रुपए दे दिए, लेकिन विपिन बिहारी दुबे लगातार ब्लैकमेल करता रहा और एक बार तो 5 लाख ले लिया। मामले की जानकारी अर्जुन गुप्ता की मां नीता गुप्ता और पत्नी अंकुश को हुई। दोनों ने हिम्मत दिखाया और आरोपी को बताया कि तुमको जो करना हो कर लो, हम पुलिस के पास जा रहे हैं। लेकिन आरोपियों ने डायल 112 पर फोन करके गोदाम में पुलिस को बुला लिया।

डीसीपी से शिकायत करने पर हुई सुनवाई

इधर नीता गुप्ता अपने बेटे और बहू को लेकर डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास से फरियाद लगाने पहुंच गई। जहां अर्जुन गुप्ता ने अपनी फरियाद लगाई। डीसीपी कार्यालय में परेशान अर्जुन गुप्ता का रो-रोकर बुरा हाल था। उन्होंने कार्रवाई करने की मांग की। डीसीपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तत्काल मुकदमा दर्ज करने और गिरफ्तार करने के आदेश दिए। डीसीपी के निर्देश पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए विपिन दुबे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि साथी की तलाश है।