31 मई को तंबाकू निषेध दिवस पर एक लाख लोग लेंगे तंबाकू का सेवन ना करने और ना करने देने का संकल्प
आगरा। तंबाकू मुक्त आगरा का शंखनाथ हो चुका है। डॉक्टर, पार्षद समाजसेवी एवं नेताओ सहित 1500 लोग तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी और गुटखा छोड़ चुके हैं। 'नो मतलब नो' टीम के अभियान के ब्रांड एम्ब्रेसडर बने बच्चे घर पर तंबाकू के लिए नो कह रहे हैं। मंगलवार को फ्लेवर रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में संस्थापक दिगंबर सिंह धाकरे ने बताया कि बदली सोच और माहौल में 31 मई को आगरा में एक साथ एक लाख लोग तंबाकू का सेवन ना करने और ना करने देने का संकल्प लेंगे। सुबह वार्ड, पार्क, कार्यालय, फैक्ट्री शोरूम कॉलेज गली मोहल्लो कॉलोनी और घरों पर तंबाकू का सेवन ना करने और ना करने देने का संकल्प लिया जाएगा। वहीं, शाम को सूरसदन में समारोह आयोजित किया जाएगा। इसे यूथ आइकॉन आईपीएस सुपरकॉप नवनीत सिकेरा संबोधित करेंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एडीजी पुलिस अजय आनंद और डॉ. भीम राव आंबेडकर विवि के कुलपति डॉ. अरविंद दीक्षित होंगे।
तंबाकू से होने वाले रोगों की दी गई जानकारी
संयोजक डॉ. आलोक मित्तल ने बताया कि आगरा में तंबाकू से होने वाले कैंसर, पेट संबंधी बीमारी, हार्ट अटैक और बांझपन के केस सबसे ज्यादा आते हैं। ऐसे में तंबाकू छोड़ने के लिए जनआंदोलन खड़ा किया। नो मतलब नो टीम ने 20 फरबरी से अभियान शुरू किया। हर रोज सुबह से लेकर रात तक स्कूल, कॉलेज, फैक्ट्री, सरकारी कार्यालय, सार्वजनिक स्थल, हॉस्पिटल, कॉलोनी और बस्तियों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस तरह 100 दिन में 55 हजार लोग अलग अलग माध्यम से जनआंदोलन से जुड़ गए हैं। एसएन की कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ.सुरभि गुप्ता ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जागरूकता कार्यक्रम में लोगों ने तंबाकू छोड़ने का संकल्प गंभीरता के साथ लिया है। जब उन्हें तंबाकू से होने वाले कैंसर के लिए आगाह किया तो लोगों की आंखों में आंसू आ गए। पार्षद, नेता, डॉक्टर और आम लोगों ने कार्यक्रम के दौरान ही गुटखा और सिगरेट छोड़ दी, कैबिनेट मंत्री एसपी सिंह बघेल ने बेटी के आग्रह पर सिगरेट छोड़ने का अपना उदाहरण दिया। मगर, यह पहला मुकाम है, नो मतलब नो टीम ने माहौल बना दिया है। बच्चों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया है। जिससे वे अपने माता पिता और परिचितों से तंबाकू छोड़ने के लिए बार बार कहें और तब तक कहें जब तक कि वे तंबाकू ना छोड़ दें। यह अभियान चलता रहेगा, पहले पड़ाव पर 31 मई को शपथ दिलवाई जाएगी।
ये रहे शामिल टीम नो मतलब नो
डॉ. रवि पचौरी, अध्यक्ष-इंडियन मेडिकल एसोसिएशन आगरा, रोटेरियन डॉ. आर एल भारद्वाज, अध्यक्ष-रोटरी क्लब आगरा, राजीव तिवारी, अध्यक्ष नेशनल चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज, रोटेरियन दिगंबर सिंह धाकरे संस्थापक, डॉ. अलोक मित्तल संयोजक, संजय गोयल, डॉ. मुकेश गोयल
डॉ. पवन गुप्ता, रोटेरियन विनोद गुप्ता
अभियान एक नजर
20 फरवरी से अभियान शुरू हुआ, स्कूल, कॉलेज, पार्क, कॉलोनी हॉस्पिटल, फैक्ट्री में जागरूकता कार्यक्रम किए गए। 100 दिन में नो मतलब नो टीम ने 55 हजार लोगों से संपर्क किया। 1500 लोगों ने सिगरेट, बीड़ी गुटखा और तंबाकू का सेवन कार्यक्रम के दौरान छोड़ दिया। तंबाकू मुक्त आगरा के लिए बच्चों को ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया।
31 मई के कार्यक्रम
सुबह छह से आठ बजे तक पार्क सहित सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू का सेवन ना करने और ना करने देने का संकल्प। 10 से शाम तक वार्ड, पार्क, कार्यालय, फैक्ट्री शोरूम कॉलेज गली मोहल्लो कॉलोनी और घरों पर तंबाकू का सेवन ना करने और ना करने देने का संकल्प, शाम छह से आठ बजे तक सूरसदन में कार्यक्रम