-जम्मू एवं कश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक आशुतोष भटनागर का व्याख्यान -कश्मीर की 1.21 लाख वर्ग कि.मी. भूमि पाकिस्तान और चीन के कब्जे में है -नियंत्रण रेखा के दूसरी ओर भी भारत के लोग हैं, उनकी चिन्ता करें, वहां जाएं
आगरा। जम्मू एवं कश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने जम्मू एवं कश्मीर को लेकर ऐसी बात कही कि लोगों की भुजाएं फड़कने लगीं। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर का 2.22 लाख वर्गकिलोमीटर क्षेत्र फल है। इसमें से 1.21 लाख वर्ग किलोमीटर पाकिस्तान और चीन के पास है। हमें यह भी वापस लेना है।
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नियंत्रण रेखा के उस पार रहने वाले हमारे भाई
श्री भटनागर आगरा कॉलेज खेल मैदान पर आगरा साहित्य उत्सव 2019 एवं राष्ट्रीय पुस्तक मेला में ‘कश्मीरः धारा 370 से पहले और अब’ विषयक संगोष्ठी को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू एवं कश्मीर का भारत में विलय 15 अगस्त, 1947को हुआ था। हमें तब का जम्मू एवं कश्मीर चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को यह याद रखना चाहिए कि भारत-पाक नियंत्रण रेखा के उस पार रहने वाले हमारे भाई हैं। उन पर अत्याचार हो रहा है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी के संयोजन में हुई संगोष्ठी का संचालन मधुकर चतुर्वेदी ने किया।
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