आगरा

Shivpal Yadav को लेकर ज्योतिषाचार्यों ने कर दी ऐसी भविष्यवाणी, अखिलेश, मायावती के साथ भाजपाइयों के उड़ जायेंगे होश…..

ज्योतिषाचार्य की बड़ी भविष्यवाणी, बदल रही शिवपाल यादव के ग्रहों की चाल, कुंडली में बन रहा गजकेशरी योग 2019 के कारण असरदार रहेंगे शिवपाल यादव

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Oct 16, 2018
अखिलेश, मायावती

आगरा। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले एक और पार्टी यूपी से चुनावी रणभूमि में है। ये पार्टी है Shivpal Yadav की समाजवादी सेक्युलर मोर्चा। शिवपाल यादव विभिन्न जिलों में तूफानी दौरा कर अपनी ताकत का प्रदर्शन कर रह हैं। ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि 2019 लोकसभा चुनाव में शिवपाल यादव बेहद असरदार रहेंगे, कारण है शिवपाल यादव की कुंडली के हिसाब से गजकेसरी योग बन रहा है। Gajkeshari Yog के कारण शिवपाल यादव को जनता का बड़ा समर्थन मिलेगा।

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ये कहना है ज्योतिषाचार्य का
ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र ने बताया कि शिवपाल यादव का जन्म 2 मार्च 1955 को इटावा जिले के सैफई में हुआ था। उनके जन्म के हिसाब से शिवपाल यादव का कुंभ लग्न है। उनके लग्न में सूर्य है, तृतीय भाव में मंगल बैठा है, जो पराक्रम का भाव है। चौथे भाव में चंद्र है। पंचम भाव में सूर्य और केतु हैं और भाग्य स्थान में उच्च का शनि बैठा है, जो शिवपाल यादव का लग्नेश है। सूर्य के लग्न में होने के कारण भाई मुलायम सिंह यादव से अधिक प्रेम मिल रहा है और उन्हीं के आर्शीवाद तक यहां तक पहुंचे हैं। 11 वें भाव में राहु है और 12 वें भाव में बुध और शुक्र मकर राशि में है।

रहेंगे प्रभावशाली
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सूर्य लग्न में है, इसलिये शिवपाल यादव प्रभावशाली हैं। सरकारी कार्य करने में दक्ष हैं। सरकार से लाभ और सम्मान इसीलिये प्राप्त हुआ है। तृतीय भाव में मंगल अपनी मेष राशि में बैठा है, इसलिये परिवार का सहयोग मिल रहा है। चौथे भाव में चंद्र है, इसलिय मन स्थिर है। शनि उच्च का है, चंद्रमा उच्च का है और मंगल स्वराशी का है और राहु केतू भी उच्च के हैं। पंचम भाव में गुरु है, जो इनकी संतान को देख रहे हैं, इसलिये संतान का कैरियर राजनीति में बनेगा। संतान के कारण राजनीति में प्रभाव भी बढ़ेगा। राजनैतिक मित्रों का सहयोग मिलेगा।

बन रहा गजकेसरी योग
शिवपाल यादव की बुध की महादशा में शुक्र का प्रत्यंतर चल रहा है, जो 28 दिसंबर 2017 से 28 दिसंबर 2020 तक चलेगा। राजनीति में इसका विशेष लाभ मिलेगा। बुध इनका पंचमेश है और अष्टम भाव का स्वामी है। अचानक सफलता, गुप्तधन मिलने का कारक होता है। शुक्र इनका सुख भाव का स्वामी है और नवम भाव का भाग्य स्थान का स्वामी है। गोचर में गुरु बृहस्पिति 11 अक्टूबर को वृश्चिक राशि में आ गये हैं, जो इनकी राशि वृष चंद्रमा को देख रहे हैं। जिसके कारण गज केसरी योग का निर्माण हो रहा है। ये अगले 13 महीने तक यही रहेंगे।

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Updated on:
16 Oct 2018 12:37 pm
Published on:
16 Oct 2018 10:33 am
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