Bharat Bandh in UP : जानिए यूपी में SC-ST Act के खिलाफ सवर्ण आंदोलन की शुरुआत कहां से हुई? किस शख्स ने इसकी आवाज को बुलंद किया?
आगरा। केंद्र सरकार द्वारा एससी/एसटी एक्ट (SC-ST Act) में पुन: संशोधन के बाद देशभर में सवर्ण और ओबीसी इसका विरोध कर रहे हैं। आज यानी 6 सितंबर को इसके विरोध में Sawarn Samaj bharat band Andolan किया गया है। भारत बंद का सबसे बड़ा असर उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार आदि राज्यों में देखा गया है। यूपी में इसकी शुरुआत आगरा शहर से हुई है। आइए आपको मिलवाते हैं उस शख्स से जिसने उत्तर प्रदेश में एससी/एसटी एक्ट के खिलाफ भारत बंद की आवाज को बुलंद किया।
आगरा से शुरू हुआ सवर्णों का आंदोलन
हम बात कर रहे हैं अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुमंत गुप्ता की। डॉ. सुमंत गुप्ता मैनपुरी के रहने वाले हैं और नगर पालिका मैनपुरी के अध्यक्ष रह चुके हैं। भारत बंद के निर्णय से पहले वे उत्तर प्रदेश के दौरे पर निकले थे और इसकी शुरुआत आगरा से की थी। आगरा में उन्होंने सर्व समाज की बैठक की और लोगों को इसके आगामी खतरों से सावधान किया था।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले सरकार ने कर दिया संशोधन
इस मामले में जब पत्रिका ने डॉ. सुमंत गुप्ता से बात की तो उनका कहना था कि SC-ST Act के लिए सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर की गई है। पुरानी पर सुनवाई चल रही है। लेकिन सरकार को सब्र नहीं हुआ। उसने Supreme Court का कोई फैसला आने से पहले ही एक्ट में संशोधन कर दिया। जब राम मंदिर की बात आती है तो सरकार सुप्रीम कोर्ट में मामला विचाराधीन है, कहकर पल्ला झाड़ लेती है तो आखिर इस एक्ट में संशोधन के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार क्यों नहीं हुआ। यदि इतनी ही जल्दी है तो राम मंदिर बनाने और धारा 370 हटाने के मामले में भी सरकार अपना फैसला दे।
जिन्होंने फैसला लिया उन्हें सर्व समाज चुनाव में हराएगा
डॉ. सुमंत गुप्ता के मुताबिक इस एक्ट से हर किसी को नुकसान पहुंचेगा। इससे भाई भाई आपस में लड़ेंगे। दुनिया के किसी भी देश में बिना जांच के जेल का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस एक्ट में है। लोग अब तक सरकार की तानाशाही बर्दाश्त करते आए हैं। नोटबंदी से लेकर जीएसटी और प्रोन्नति में आरक्षण मिलने पर भी चुप रहे। लेकिन अगर अब भी चुप रहे तो आने वाली पीढ़ियां इसका खामियाजा भुगतेंगी। डॉ. सुमंत गुप्ता के मुताबिक अभी तो चिंगारी यूपी में भड़की है। जल्द ही ये आंदोलन पूरे देश में होगा। जिन लोगों ने इस एक्ट को पारित किया है, उन्हें इसका खामियाजा लोकसभा चुनाव में भुगतना होगा। सर्व समाज उन्हें हराने के लिए पूरा जोर लगाएगा।