आगरा

#Motivational जहां लोग जाना भी पसंद नहीं करते, उन्हीं स्लम को स्टार बना रहे देवराज राजपूत

देवराज राजपूत गरीब बस्तियों से खोजते हैं प्रतिभा, मंच दिलाने का कर रहे काम।

2 min read
Aug 10, 2019
Motivational Devraj rajput

आगरा। कमल जिस तरह कीचड़ में ही खिलता है और हीरा कोयले की खान से मिलता है, उसी प्रकार प्रतिभा कहां मिल जाए, इसका अंदाजा लगाना बेहद मुश्किल है। इसी सोच के साथ शहर के युवा देवराज राजपूत स्लम बस्तियों से प्रतिभा खोजने का प्रयास कर रहे हैं। कुल मिलाकर कहा जाए तो स्लम में रहने वाले बच्चों को डासिंग स्टार बनाने की एक मुहिम शुरू की गई है, जिसमें देवराज को सफलता भी मिल रही है।

इस तरह शुरू किया सफर
बोदला के रहने वाले 21 वर्षीय देवराज राजपूत का बचपन से ही सपना डांसर बनने का था, लेकिन आर्थिक परिस्थितियों ने कहीं न कहीं उनकी तरक्की के कदमों को रोक दिया। लेकिन देवराज ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। वे अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक अलग राह ही निकल पड़े। रैपर्स डांस एकेडमी नाम से डांस क्लास की शुरुआत की, जहां से कमाई का साधन बना, तो देवराज के मन में फिर एक जिज्ञासा उठी कि क्यों न वे अपने सपनों को उन बच्चों में देखें, जो उस मुकाम को हासिल तो कर सकते हैं, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां कहीं न कहीं उनके कदमों को रोकती हैं।

स्लम बस्तियों में खोज रहे प्रतिभा
आवास विकास कॉलोनी, आगरा के सेक्टर-5 निवासी देवराज राजपूत अब स्लम बस्तियों में प्रतिभाओं को खोजने का काम कर रहे हैं। चार माह पहले शुरू किए इस सफर में करीब 60 बच्चों को अपने साथ जोड़ चुके हैं। इन्हें निःशुल्क डांस सिखाया जा रहा है। इतना ही नहीं इन बच्चों को देवराज अपने प्रयास से एक ऐसा मंच दिलाने का प्रयास भी करते हैं, जहां से इन गुमनाम गलियों में खोई हुई प्रतिभा को पहचान भी मिल सके। ऐसे ही एक शिष्य गौरव का जिक्र करते हुए देवराज ने बताया कि जब अपनी मेहनत से बुलंदियों की तरफ बढ़े तो बेहद सुखद अनुभव होता है और ऐसा ही हुआ गौरव को लेकर। गौरव ने आगरा में होने वाले कई कम्पटीशन में मेडल प्राप्त किए। इसके अलावा दिल्ली में होने वाले डांसिंग स्टार में गौरव ने जीत का परचम फहराया।

Published on:
10 Aug 2019 12:12 pm
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