इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं, मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां पर घन्टा चढ़ाते हैं।
बरेली। नाथों की नगरी कहे जाने वाले बरेली शहर में दुर्गा जी का 84 घन्टा मन्दिर एक प्रसिद्ध मंदिर है। बदायूं रोड पर स्थित 84 घन्टा मन्दिर को सिद्ध मन्दिर माना जाता है। इस मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। मनोकामना पूरी होने पर भक्त यहां पर घन्टा चढ़ाते हैं। आज मन्दिर में एक लाख से ज्यादा घण्टे हैं। मन्दिर में दर्शन करने के लिए देश के कौने कौने से भक्त बरेली पहुंचते हैं। नवरात्रि के दिनों में मन्दिर में भारी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं।
ऐसे हुआ मन्दिर का निर्माण
मन्दिर की देख रेख करने वाले रविन्द्र मोहन गर्ग ने बताया कि 1969 में उनके पिता जी स्वर्गीय उमाशंकर गर्ग ने मकान बनवाने के लिए यहां पर प्लाट लिया था। मकान बनने के लिए जब नींव खोदी जा रही थी तो उनकी मां स्वर्गीय शकुंतला देवी के सपने में देवी मां आईं और उन्होंने मकान बनवाने से पहले मन्दिर बनाने की बात कही। शकुंतला देवी ने जब ये बात पति को बताई तो उमाशंकर ने पहले सड़क के किनारे दुर्गा मां के मंदिर का निर्माण कराया। मन्दिर में एक ही दिन में 84 घण्टे चढ़ाए गए जिसके कारण मन्दिर का नाम 84 घन्टा मन्दिर पड़ा। रविन्द्र मोहन ने बताया कि अगर उनके पिता जी घर के अंदर मन्दिर का निर्माण कराते तो वो मन्दिर निजी हो जाता और उसमें सभी लोग दर्शन के लिए नहीं आ पाते इस लिए मन्दिर का निर्माण सड़क किनारे कराया गया।
मन्दिर में जल रही अखण्ड ज्योति
मन्दिर में 12 अक्टूबर को ज्योत जलाई गई थी और ये अखण्ड ज्योत अभी तक जल रही है इसके साथ ही मन्दिर में शिव परिवार, बजरंगबली की भी मूर्ति स्थापित है।
दूर-दूर से आते हैं लोग
1969 में मन्दिर का निर्माण हुआ था लेकिन मन्दिर की ख्याति इस कदर फैली कि मंदिर में दर्शन के लिए बरेली ही नहीं कई प्रदेश से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं और मनोकामना पूरी हो जाने पर मन्दिर में घन्टा चढ़ा जाते हैं।
नवरात्रि में लगता है भक्तों का तांता
वैसे तो 84 घन्टा मन्दिर में रोज लोग दर्शन के लिए आते हैं लेकिन नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर का नजारा ही कुछ अलग होता है और यहां काफी तादात में भक्त दर्शन के लिए आते हैं।