आगरा

निदा खान का हुक्का पानी बंद, जनाजे में नमाज पढ़ने पर रोक, कब्रिस्तान में नहीं मिलेगी जगह

तीन तलाक और हलाला पीड़ित महिलाओं की मदद को आईं थीं आगे

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Jul 16, 2018
तलाक पीड़ित महिलाओं की मदद करने वाली निदा खान इस्लाम से खारिज, फतवा हुआ जारी

बरेली। तीन तलाक और हलाला पीड़ित महिलाओं की मदद को आगे आईं निदा खान को इस्लाम से खारिज कर दिया गया है। इस मामले को लेकर शहर काजी की मौजूदगी में फतवा भी जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि जो कुरान और हदीस के खिलाफ बोलता है वो इस्लाम से खारिज हो जाता है। फतवा शहर इमाम खुर्शीद आलम ने मांगा था। जिसके जवाब में दरगाह आला हजरत से जुड़े दारुल इफ्ता से फतवा जारी किया गया है। ये फतवा शहर काजी की मौजूदगी में मुफ़्ती अफजाल ने जारी किया है।

क्या कहा फतवे में
शहर इमाम खुर्शीद आलम ने बताया कि दरगाह आला हजरत के दारुल इफ्ता से जारी फतवे में कहा गया है कि जो अल्लाह, खुदा के बनाए कानून की मुखालफत करता है, वो इस्लाम से खारिज हो जाता है। निदा खान शरीयत की मुखालफत कर रही हैं। जिस वजह से उनके खिलाफ फतवा जारी हुआ है। शहर इमाम मुफ़्ती खुर्शीद आलम ने दरगाह आला हजरत पर हुई प्रेसवार्ता में बताया कि निदा का हुक्का पानी बन्द कर दिया गया है। मुफ़्ती खुर्शीद आलम ने कहा कि निदा की मदद करने वाले, उससे मिलने जुलने वाले मुसलमानों को भी इस्लाम से खारिज किया जाएगा। निदा अगर बीमार हो जाती है तो उसको दवा भी नहीं दी जाएगी। निदा की मौत पर जनाजे की नमाज पढ़ने पर भी रोक लगा दी गई है। इतना ही नहीं निदा के मरने पर उसे कब्रिस्तान में दफनाने पर भी रोक लगा दी गई है।

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पाकिस्तान चले जाए फतवा जारी करने वाले
वहीं इस मामले में निदा खान ने प्रेस वार्ता कर पलटवार करते हुए कहा कि फतवा जारी करने वाले पाकिस्तान चले जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एक लोकतांत्रिक देश है, यहां दो कानून नहीं चलेंगे। उन्होंने कहा कि ये लोग सिर्फ राजनीति चमका रहे है। इस्लाम से खारिज करने वाले ये होते कौन है। शरीयत पहले वो अपने घर पर जाकर लागू करे फिर आवाम पर लागू करें। उनको शरीयत के नाम पर आवाम को भड़काना आता है। दारुल इफ्ता में मर्दों से पैसे लेकर उनके पक्ष में फ़ैसला दे दिया जाता है और औरतों को इंसाफ नही मिलता। निदा ने कहा कि उन लोगों की इस हरकत से उन्हें नुकसान हो रहा है। इसलिए उन पर क्लेम करूंगी। इसके साथ ही निदा ने कहा कि तौक़ीर रज़ा भी तो इस्लाम से खारिज हो चुके हैं। तौक़ीर रज़ा जब देवबंद गए थे, तब उन्हें भी इस्लाम से खारिज कर दिया गया था। लेकिन उन्होंने तो दोबारा कलमा नहीं पढा। जबकि तौक़ीर के खिलाफ मस्जिदों से एलान भी हो गया था।

आला हजरत खानदान की बहु रह चुकी है निदा खान
निदा खान का निकाह आला हजरत खानदान के शीरान रजा खां से 16 जुलाई 2015 को हुआ था। लेकिन, निदा के शौहर ने उसे पांच फरवरी 2016 को तलाक देकर घर से निकाल दिया था। जिसके बाद निदा का ये मामला कोर्ट में चल रहा है। निदा का कहना है कि तलाक के बाद उसको कोई सामान और मेहर की रकम नहीं वापस की गई है।

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Updated on:
16 Jul 2018 06:54 pm
Published on:
16 Jul 2018 06:43 pm
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