पुल को बांधने वाली रस्सियां टूटीं, वन कर्मचारियों ने मध्य प्रदेश के युवक को बचाया
आगरा। बुधवार रात आई तेज आंधी के बाद बारिश ने मानो सब कूछ तहत नहस करके रख दिया तूफान से पिनाहट चम्बल नदी पर बना पांटून पुल बह गया। पांटून पुल के साथ मध्य प्रदेश के बींजला गांव निवासी राजेन्द्र भी बहने लगा पुल के साथ बहने पर वह जोर जोर से चिल्लाने लगा। उसकी आवाज सुनकर मौके पर खड़े वनकर्मी अपनी नाव लेकर दौड़े और बहते हुऐ पुल से युवक को उतारकर बचाया।
बड़ा हादसा बचा
कुदरत का ऐसा कहर बरपा जिसे देखकर सब दंग रह गए। एक साथ आंधी के साथ बारिश शुरू हुई और फिर तूफान का रूप ले लिया। लगातार करीब एक घण्टे तक बारिश और तूफान ने भारी तबाही मचाई। पिनाहट चम्बल नदी पर दो प्रदेशों को जोड़ने वाला पांटून पुल तूफान के साथ ही बह गया। अपनी जगह से आगे की ओर तेज बहाव में पुल के पीपे बहे चले गये। पुल को बांधने वाली रस्सियां टूट गईं। गनीमत रही कि इस समय पुल पर कोई वाहन नहीं था। आंधी आते ही पुल पर यातायात रोक दिया गया था, इसलिए कोई बड़ा हादसा होने से बच गया।
कई मकान गिरे
क्षेत्र में चारों तरफ तबाही का मंजर है। खेतों में कटा रखा गेहूं हवा के साथ उड़ गया। कई जगह ओले भी पड़े, जिससे भारी नुकसान की आशंका है। अगर खेतों में पानी जम रहा तो गेहूं काला पड़ जाएगा, फिर इसे कोई खरीदेगा नहीं। किसान अपनी मेहनत की कमाई को मिट्टी में मिलता देख जार-जार रो रहा है। पिनाहट की ग्राम पंचायत रेहा के उपगांव तासौड़ में तूफान ने जमकर तबाही मचाई। गांव में कई मकान गिर गए। पूर गांव में हाहाकार सा मच गया। तेज तूफान व बारिश से क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को तोड़कर रख दिया। दो दर्जन से अधिक पोल टूट गए। सड़कों पर पेड़ टूटकर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। लोगों को भारी परेशानी का सामान करना पड़ा।