आगरा

राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष का बड़ा बयान

अगर कोर्ट का निर्णय हिन्दुओं के खिलाफ आया तो क्या भारतीय जनता पार्टी संसद में कानून लाकर राम मंदिर का निर्माण करेगी?
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Updated: 29 Oct 2018, 10:31 AM IST
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राम जन्मभूमि विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले राष्ट्रीय बजरंग दल के अध्यक्ष का बड़ा बयान

आगरा। अयोध्या में राम जन्मभूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय सोमवार को सुनवाई करने जा रहा है। थोड़ी देर में ही सुनवाई शुरू होने वाली है। इससे पहले अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद से संबद्ध राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने पूछा है कि अगर कोर्ट का निर्णय हिन्दुओं के खिलाफ आया तो क्या भारतीय जनता पार्टी संसद में कानून लाकर राम मंदिर का निर्माण करेगी?

मंदिर के नाम पर झुनझुना देगी मोदी सरकार
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पूर्व मनोज कुमार ने कहा कि हमें नहीं लगता है कि हिन्दुओं के पक्ष में कोर्ट का निर्णय आएगा। अगर पक्ष में भी आया तो मोदी सरकार हिन्दुओं का झुनझुना देगी, मंदिर नहीं बनाएगी। यह इस बात से प्रकट होता है कि अगर मोदी सरकार को मंदिर बनवाना होता तो शीतकालीन सत्र में ही विधेयक लाते या कानून बनाते।

सरकार में इच्छा शक्ति नहीं
उन्होंने कहा कि संसद ने कोर्ट के कई निर्णय बदले हैं। राजीव गांधी ने जब शाहबानो प्रकरण में कोर्ट का निर्णय बदला था तो भारतीय जनता पार्टी ने ही हल्ला मचाया था। अब भाजपा ने एससी-एसटी एक्ट को लेकर कोर्ट का निर्णय बदला है। इससे साफ है कि कि सरकार चाहे तो कोर्ट को निर्णय बदलकर या पहले भी कानून बनाकर मंदिर बनवा सकती है। मुश्किल यह है कि मोदी सरकार में इच्छा शक्ति नहीं है मंदिर बनाने की।

हिन्दुओं का ध्रुवीकरण हो सकता है
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने लखनऊ की बैठक में कहा था कि राम मंदिर के मुद्दे पर कोर्ट के निर्णय का इन्तजार करेंगे। अगर उन्हें मंदिर बनाना होता तो कानून बनाने की बात करते। मनोज कुमार ने बताया कि लखनऊ बैठक में यह भी कहा गया कि डॉ. प्रवीण भाई तोगड़िया के पक्ष में हिन्दुओं का ध्रुवीकरण हो सकता है। यह बात शतप्रतिशत सत्य है।

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29 Oct 2018, 10:31 AM IST
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