Purushottam adhik Maas 2018 : तीन साल बाद आते हैं पुरुषोत्तम अधिकमास, इसलिए आज से ना करें ये कार्य
आगरा। ज्येष्ठ शुल्क पक्ष से शुरू होने वाले अधिकमास की शुरुआत आज से हो गई। शादी संबंध, विवाह, लग्न, सगाई जैसे शुभ कार्य आज से बंद हो जाएंगे। अधिकमास 13 जून तक चलेगा। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अधिकमास में भागवत कथा, पूजा पाठ, दान पुण्य, तीर्थस्थलों का भ्रमण, कथा अादि करने चाहिए।
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पुरुषोत्तम मास के नाम से भी जाने जाते हैं अधिकमास
ज्योतिषाचार्य डॉ.अरविंद मिश्र का कहना है कि अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। अधिकमास तीन साल के बाद आते हैं। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि शास्त्रों में अधिकमास को श्रेष्ठ नहीं माना गया है कि इसलिए जब तक अधिकमास चलते हैं, कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है। लेकिन, अधिकमास के दिनों में धार्मिक स्थलों की यात्रा करना, भागवत कथा का पाठ कराना शुभ माना जाता है। अधिक मास में किसी भी गरीब व्यक्ति को दान करना श्रेष्ठ पुण्य माना गया है। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अधिक मास ज्येष्ठ अमावस्या तक चलते है। 13 जून को अधिकमास का समापन होगा।
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नहीं होंगे अब ये कार्य
आज से शुरू हुए अधिक मास के चलते 13 जून तक शादियां नहीं होंगी। इन दिनों ग्रहप्रवेश, नया व्यापार और नया वाहन खरीदना शुभ नहीं होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ.अरविंद मिश्र का कहना है कि अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में नया वाहन, नई प्रापर्टी की खरीद फरोख्त करने वाले कुछ दिन तक ये कार्य ना करें तो अच्छा होगा। माना जाता है कि अधिक मास में नए कार्य करने का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। कोई हानि हो सकती है।