मेरठ से लकड़ी बेचकर लौट रहे थे व्यवसायी। जहरखुरान बदमाशों ने उनसे सत्तर हजार रुपए लूट लिए।
आगरा।बाह निवासी लकड़ी व्यवसायी दाताराम पुरवंशी से मंगलवार तड़के मुजफ्फरनगर से लकड़ी बेचकर लौटते समय जहरखुरान बदमाशों ने सत्तर हजार रुपये की रकम लूट ली। वारदात के बाद बेखौफ बदमाश बस से उतरकर चले गए। वहीं, हमेशा की तरह रोडवेज बस के चालक और परिचालक उन्हें आगरा कैंट इलाके में बेहोशी की हालत में सड़क किनारे पड़ा छोड़कर बस को ले गये। वहां से पुलिस और राहगीरों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों के तमाम प्रयास के बाद व्यवसायी के होश में आने पर परिजनों को घटना की सूचना दी गई। बाद में उन्हें परिजनों के साथ बाह भेज दिया गया। वहां पीड़ित व्यवसायी ने थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया।
चालक-परिचालक दिखाते हैं गैरजिम्मेदाराना रवैया
रोडवेज की रात्रिकालीन बसों में आए दिन जहरखुरानी की घटनाएं होती रहती हैं। लेकिन बसों के चालक और परिचालक के गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते घटनाओं पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है। परिवहन विभाग खानापूर्ति के तौर पर बसों में जहरखुरानों से सावधान रहने के लिये सूचनाएं तो अंकित करा देता है, लेकिन चालक-परिचालकों की कोई जिम्मेदारी तय नहीं करता। लिहाजा जहरखुरानी की घटनाओं पर कोई अंकुश नहीं लग पा रहा है।
घटनाओं के लिए यात्री भी कम जिम्मेदार नहीं
बसों, ट्रेनों, स्टेशनों और समाचार पत्रों में जहरखुरानों से सावधान रहने संबंधी सूचनाएं चस्पा होने के बाद भी यात्री खुद नहीं संभलते। वे खुद ही जहरखुरानों की बातों में आकर उनके द्वारा दिया गया सामान खाकर वारदात के शिकार हो जाते हैं।
इन इलाकों में होती हैं सबसे अधिक वारदातें
अक्सर दिल्ली से चलने वाली रोडवेज की रात्रिकालीन बसों में जहरखुरानी की घटनाएं देखने को मिलती हैं। सबसे अधिक घटनाएं पलबल, फरीदाबाद, होडल, मथुरा और आगरा के आसपास होती हैं। वारदात करने वाले बस में चढ़ते ही भांप लेते हैं कि कौन उनका आसानी से शिकार बन जाएगा। इसके बाद वे यात्री से दोस्ती कर लेते हैं। भरोसा जीतकर कोल्डड्रिंक या खाने के अन्य सामानों में नशीला पदार्थ देकर वारदात कर डालते हैं।