
आगरा. लॉकडाउन-4 लागू होने के बाद तमाम दुकानों को रोस्टर प्लान के तहत खोलने की अनुमति मिल गई है, लेकिन सैलून पर अब भी लॉकडाउन का उस्तरा चला हुआ है। इसके चलते ताजनगरी में सैलून संचालक परेशान हैं। उनका कहना है कि करीब ढाई महीने से धंधा न चलने के कारण अब बचत के पैसे भी खत्म होने को आए हैं। ऐसे में अब प्रशासन को अन्य शहरों की तरह आगरा में भी सैलून खोले जाने की अनुमति दे देनी चाहिए।
कई कर्मचारी हुए बेरोजगार
बता दें कि आगरा में करीब एक हजार के आसपास छोटे और बड़े सैलून हैं। इन सैलून में तमाम कर्मचारी काम करते हैं। इनमें से कुछ को मासिक भुगतान किया जाता है तो कुछ कमीशन पर काम करते हैं। लेकिन लॉकडाउन के चलते वे सभी कर्मचारी इन दिनों बेरोजगार हैं। वहीं हर साल सहालग के समय भी काफी बुकिंग होती है। लेकिन इस बार वो मौका भी नहीं मिला।
ठप पड़ा है रोज कमाने और खाने वाला काम
इस बारे में शहनाज ब्यूटी पार्लर की संचालिका बताती हैं लॉकडाउन ने सारे धंधे को चौपट करके रख दिया है। हमारा काम रोज कमाने और रोज खाने वाला है, लेकिन पिछले ढाई महीने से सारा काम ठप पड़ा है। उनका कहना है हमारे पार्लर में आठ महिला कर्मचारी काम करती हैं, लॉकडाउन के चलते वो भी बेरोजगार हो चुकी हैं।
शर्तों के साथ काम करने को तैयार
वहीं सौंदर्य सैलून संचालक का कहना है कि ढाई महीने से सारा खर्च बचत से ही हो रहा है, लेकिन अब वो भी खत्म होने को आयी है। अब प्रशासन को कुछ शर्तों के साथ सैलून खोलने की अनुमति दे देनी चाहिए। हम सब सभी नियमों का पालन करते हुए काम करने को तैयार हैं।