प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु राज दीदी ने अग्रवन में लुटाया खुशियों का खजाना...
आगरा। हर इंसान तन मन धन व संबंधों से स्वस्थ हो। हर घर में सुख, शांति व समृद्धि हो। हर व्यक्ति उन्नति, प्रगति व सफलता प्राप्त करे, इस उद्देश्य से नारायण रेकी सत्संग परिवार के बैनर तले शुक्रवार शाम वाटर वर्क्स स्थित अग्रवन में जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाला सत्र 'खुशियों का खजाना' आयोजित किया गया। नारायण रेकी सत्संग परिवार की संस्थापिका, चर्चित आध्यात्मिक गुरु व रेकी ग्रैंड मास्टर राजेश्वरी मोदी उर्फ राज दीदी ने उपस्थित सैकड़ों गणमान्य जनों को जीवन में सुख समृद्धि व शांति लाने के व्यवहारिक सूत्र दिए।
ये दिया सूत्र
राज दीदी ने समझाया कि हर किसी को अपना शुभचिंतक मानें। विशेषकर जिस व्यक्ति के कारण हम उत्तेजित हो जाते हैं, उसे अपना शुभचिंतक बना लें। इस सकारात्मक सोच से उसके व्यवहार में सुधार आएगा। हमें भी शांति का एहसास होगा। इस तरह दोनों का जीवन संवर जाएगा। उन्होंने कहा कि हम देने में विश्वास रखते हैं, यही नारायण रेकी सत्संग परिवार का आदर्श वाक्य है। जब हम किसी को कुछ देते हैं तो हमारे मस्तिष्क में आनंद का संचार होता है और हम आत्म संतुष्टि के भाव से भर जाते हैं। दीदी ने समझाया कि हर व्यक्ति, वस्तु, जगह, परिस्थिति, वातावरण व धन में सकारात्मक व नकारात्मक दोनों तत्व होते हैं। यह हमारे ऊपर है कि हम उस में से क्या उद्दीप्त करें। अगर हम यह कहेंगे कि फलां जगह मेरे लिए लकी नहीं है तो फिर वह लकी हो ही नहीं सकेगी। अपने आचरण व वाणी में पॉजिटिविटी लाएं, नकारात्मक लगने वाली चीजें भी आपके लिए सकारात्मक हो जाएंगी।
दुख दोगे तो दुख आएगा
सर्कल ऑफ लाइफ के सूत्र को समझाते हुए उन्होंने बताया कि जीवन में जो भी आप देते हैं, वही लौटकर आता है। दुख देंगे तो दुख अाएगा, सुख देंगे तो सुख लौटेगा। इसलिए सुखी रहना है तो लोगों को खुशियां बांटें। सबको खुश रखिए। किसी को भी दुख मत दीजिए। किसी का भी दिल मत दुखाइए। अंत में इस गीत द्वारा इंसानियत का संदेश दिया गया- इंसान का इंसान से हो भाईचारा। यही पैगाम हमारा.. मीडिया समन्वयक कुमार ललित रहे।