चांदनी रात में Tajmahal की चमक देखने के लिए शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक रात्रि दर्शन के लिए खुलता है ताजमहल, रात में ताज देखने के लिए टिकट पहले से खरीदना पड़ता है।
आगरा। मोहब्बत की निशानी शरद पूर्णिमा की रात को और चमक बिखेरती है। एक बार पूर्णिमा की रात में ताज महल का दीदार करने वाला ऐसे ताउम्र याद रखता है। दूर दराज से आगरा में Tajmahal देखने लोग आते हैं। इस बार Sharad Purnima 23, 24 अक्टूबर की है। चांद की रोशनी में ताजमहल की चमक देखने की चाहत बुलंद होने लगी है। शरद पूर्णिमा से दो दिन पहले और दो दिन बाद रात में ताज देखने के लिए खास व्यवस्था की जाती है। इसके लिए टिकट पर्यटकों को पहले से खरीदना पड़ता है।
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एक दिन पहले खरीदना होता है टिकट
ताजमहल का चांदनी रात में दीदार करने के लिए टिकट को एक दिन पहले खरीदना पड़ता है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के मॉल रोड स्थित कार्यालय से ये टिकट जारी किया जाता है। नाइट विजिट के एक दिन पहले टिकट खरीदना पड़ता है। Tajmahal को देखने के लिए रॉयल गेट यानि शाही द्वार से पर्यटकों को भेजा जाता है। हालांकि चमकी कम ही देखने को मिल पाती है। लेकिन, चांद की रोशनी में सफेद संगमरमरी हुस्न की इमारत बेहद ही आकर्षक लगती है। ताजमहल पर चमकी देखने के लिए चार सौ पर्यटकों की बुकिंग की जाती है। जिन्हें 50 के ग्रुप में तीस मिनट के लिए भेजा जाता है। Sharad Purnima के चांद के दौरान ताजमहल को चार घंटे के लिए खोला जाता है।
फोटोग्राफर्स को इंतजार
ताजमहल में चमकी देखने आने वाले सैलानियों को जितनी उत्सुकता है। उससे कहीं अधिक फोटोग्राफर्स उत्सुक हैं। दूधिया रोशनी में नहाए ताजमहल को कैमरों में कैद करने की होड़ सी नजर आती है।